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भोपाल, 31दिसंबर, 2020

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में धोखाधड़ी में लिप्त चिटफंड कंपनियों के खिलाफ अभियान छेड़ने का निर्देश अधिकारियों को दे रखा है। मुख्यमंत्री फिलहाल धार्मिक यात्रा पर हैं। साल 2021 की शुरुआत में 4 जनवरी को वे जिलों के कलेक्टर और कमिश्नर के साथ बैठक करेंगे। इसमें वे डीएम और पुलिस अधिकारियों से सवाल करेंगे कि इन चिटफंड कंपनियों के खिलाफ क्या एक्शन लिए गए और इनसे रिकवरी की गई है या नहीं?

4 जनवरी को होने वाले कलेक्टरों और कमिश्नरों के साथ कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान धोखाधड़ी करने वाले चिटफंड कंपनियों पर की जा रही कार्रवाई की जानकारी लेंगे। जानकारी के मुताबिक, सागर, छतरपुर, देवास, रतलाम, आगर मालवा और नीमच जैसे जिलों में इन कंपनियों के खिलाफ अभियान चलाया गया है जिसमें सफलता मिली है। इस बारे में सभी जिलों से मंत्रालय तथ्य जुटाने में लगा है। सीएम के निर्देश हैं कि इन कंपनियों से रिकवरी कर फर्जीवाड़े के शिकार हुए लोगों के खाते में पैसा वापस भेजा जाय।

निवेशकों ने सागर के कलेक्टर से सहारा ग्रुप के खिलाफ शिकायत की थी। इसके बाद कलेक्टर ने कार्रवाई करते हुए सहारा ग्रुप की 100 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है। इससे निवेशकों के खाते में 12 करोड़ रुपए वापस भेजने की तैयारी की जा रही है। जबलपुर में किताब प्रकाशन की एक चिटफंड कंपनी खोलकर ठगों ने 20 हजार से ज्यादा लोगों से 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी की। जबलपुर पुलिस ने जिले में चल रहे तीस ऐसी चिटफंड कंपनियों के बारे में पता लगाया है जो इसी तरह की ठगी में लगे हैं। जिले से मिली शिकायत के मुताबिक, पिछले छह सालों में यहां 11 करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा इन कंपनियों ने किया है।

इन चिटफंड कंपनियों में झांसे में किसान आसानी से आ जाते हैं इसलिए मुख्यमंत्री ने इसको लेकर चिंता जताई है। ग्रामीण इलाकों में काम कर रही ऐसी कंपनियों के बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है। 4 जनवरी को मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर अधिकारियों की बैठक में बात करेंगे। साथ ही प्रदेश में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर भी वे चर्चा करेंगे।