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वाराणसी, 8 अप्रैल 2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में कोविड वैक्सीन की कमी के चलते लगभग 60 प्रतिशत सरकारी टीकाकरण केंद्रों को बंद करना पड़ा है। वाराणसी में 66 सरकारी टीकाकरण केंद्रों में से केवल 25 पर ही कोविड टीकाकरण हो रहा है। वाराणसी के चौकाघाट स्थित जिला स्तरीय टीका वितरण केंद्र भी बंद कर दिया गया है। वहां के स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्यामजी प्रसाद ने कहा कि लखनऊ से वैक्सीन की आपूर्ति में भारी कमी आई है। चूंकि वाराणसी में टीकों की मांग बहुत ज्यादा है, लिहाजा यहां डोज कम पड़ रहे हैं।

प्रसाद ने यह भी कहा कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों की उपलब्धता में कमी आई है और यह कमी डिवीजनल स्तर पर भी है।

वाराणसी के एक कोविड टीकाकरण केंद्र में एक साइन बोर्ड लगा है, जिसमें लिखा गया है, “अगले आदेश तक इस क्लिनिक में कोविड टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध नहीं है।”

चौकाघाट सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल की प्रिंसिपल डॉ.नीलम गुप्ता ने कहा कि औसतन 450-500 लोग हर दिन इस केंद्र पर टीकाकरण करवाते हैं, लेकिन बुधवार को वैक्सीन डोज की उपलब्धता न होने के कारण उन्हें वापस जाना पड़ा।

वाराणसी टीकाकरण अधिकारी डॉ.विजय शंकर राय ने कहा कि इस कमी के पीछे वजह रीजनल वैक्सीन स्टोर में कम स्टॉक है। उन्होंने कहा कि हालांकि लखनऊ में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है, लेकिन यह वाराणसी तक नहीं पहुंच पा रहा है।

उन्होंने आगे कहा, “मैं लोगों से अनुरोध करता हूं कि वह थोड़ा धैर्य रखें, वैक्सीन डोज जल्द ही आ जाएंगे। चूंकि सरकार हमेशा हमें एडवांस में ही स्टॉक भेज देती है, इसलिए हमें पहले कभी ऐसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। हम रोजाना 2,500-3,000 लोगों को टीका लगा रहे थे, जिसे हम बढ़ाकर करीब 7,000 तक ले गए थे। अप्रैल मैं वैक्सीन में हुई कमी का मैं सटीक कारण नहीं दे सकता हूं।”

इस बीच जब उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस स्थिति पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।