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इस्लामाबाद, 6 जून 2021

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। जैसे जैसे अमेरिका की फौज अफगानिस्तान से निकलती जा रही है, वैसे वैसा पाकिस्तान पर अफगानिस्तान दबाव बढ़ाने का आरोप लगा रहा है। पिछले एक महीने में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति समेत कई राष्ट्रीय नेता पाकिस्तान की आलोचना कर रहे हैं, जिसके बाद पाकिस्तान ने खुलेआम अफगानिस्तान को धमकाना शुरू कर दिया है।

अफगानिस्तान को धमकी

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अफगानिस्तान को सार्वजनिक तौर पर धमकाया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अफगानिस्तान के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर को इस बार धमकाते हुए कहा है कि अगर अफगानिस्तान नहीं सुधरता है तो पाकिस्तान उसका बहिष्कार कर देगा। मुल्तान में बोलते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि ‘अफगानिस्तान के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर हमदुल्लाह मोहिब, खान खोलकर मेरी बात सुन लो…पाकिस्तान का विदेश मंत्री होने के नाते मैं आपसे कह रहा हूं, कि अफगानिस्तानियों से कोई पाकिस्तानी हाथ नहीं मिलाएगा…कोई पाकिस्तानी आपसे बात नहीं करेगा, अगर आप अपने बोलने में सुधार नहीं लाते हैं तो। पाकिस्तान के खिलाफ अनावश्यक बोलना बंद कीजिए’ (तस्वीर- पाकिस्तान के विदेश मंत्री)

क्यों भड़का पाकिस्तान  ?

अफगानिस्तान की लीडरशिप पिछले कई महीनों से पाकिस्तान पर अफगानिस्तान की शांति भंग करने का आरोप लगा रही है। 2 महीने पहले अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने खुले तौर पर पाकिस्तान पर अफगानिस्तान की स्थिति बिगाड़ने का आरोप लगाया था, उसके बाद अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने भी कहा था कि पाकिस्तान ही तालिबान को हथियार दे रहा है ताकि अफगानिस्तान के सैनिकों पर तालिबान हमला करे और अफगानिस्तान की शांति खराब हो जाए। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद हनीफ अतमार ने तो यहां तक कह दिया था कि लोकतांत्रिक सरकार को अस्थिर कर पाकिस्तान तालिबान के आसरे अफगानिस्तान पर शासन चलाना चाहता है। वहीं, पिछले हफ्ते अफगानिस्तान के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर हमदुल्लाह मोहिब, खान ने पाकिस्तान को ‘वेश्यालय’ बता दिया था। पिछले महीने अफगानिस्तानी एनएसए ने खुले तौर पर कहा था कि पाकिस्तान एक वेश्यालय बन चुका है। जिसपर पाकिस्तानी भड़के हुए हैं।

भड़के पाकिस्तानी खंभा नोचे

अफगानिस्तान पर कंट्रोल करने की कोशिश में लगे पाकिस्तानियों के मंसूबों को अफनाकिस्तान की लीडरशिप समझ रही है, वहीं अफगानिस्तान को लेकर पाकिस्तान चीन के साथ भी डील करने पर लगा हुआ है। दो दिन पहले भी अफगानिस्तान को लेकर चीन और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बात हुई थी। जिसके बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा था कि अगर अफगानिस्तान की शांति के लिए अफनागिस्तानी नेताओं को चीन के साथ अपने संबंध बेहतर बनाने चाहिए। वहीं, अफगानिस्तान के एनएसए के ‘वेश्यालय’ वाले बयान पर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नेताओं के सामने भी अपना विरोध दर्ज कराया है।