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IND vs ENG 2nd Semi-Final: गंभीर-सूर्या की रणनीति, 7 रन से जीत… भारत फाइनल में, टूटा ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड

IND vs ENG 2nd Semi-Final: गंभीर-सूर्या की रणनीति, 7 रन से जीत… भारत फाइनल में, टूटा ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड

द फ्रंट डेस्क: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में टीम इंडिया ने न सिर्फ शानदार जीत दर्ज की, बल्कि क्रिकेट इतिहास में कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। इस जीत के पीछे भारतीय बल्लेबाजों का दमदार प्रदर्शन तो रहा ही, साथ ही कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव की रणनीति भी निर्णायक साबित हुई। अब 8 मार्च को अहमदाबाद में होने वाले फाइनल में भारत का मुकाबला न्यूजीलैंड से होगा।

हाई-स्कोरिंग सेमीफाइनल में भारत की दमदार बल्लेबाजी

सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 253 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारतीय टीम की ओर से संजू सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 89 रन की तूफानी पारी खेली, जबकि शिवम दुबे ने 43 रन बनाकर टीम के स्कोर को मजबूती दी। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।

इंग्लैंड की कड़ी टक्कर, लेकिन 7 रन से पीछे

253 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम ने भी जोरदार मुकाबला किया। इंग्लैंड के बल्लेबाज जैकब बेथेल ने शानदार शतकीय पारी खेलते हुए अपनी टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में शानदार वापसी की और इंग्लैंड को 246 रन पर रोक दिया। इस तरह टीम इंडिया ने रोमांचक मुकाबले में 7 रन से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बना ली।

गंभीर-सूर्या की रणनीति बनी जीत की असली वजह

इस मुकाबले में टीम इंडिया की जीत के पीछे कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव की रणनीति अहम रही। मैच के दौरान इंग्लैंड के लेग स्पिनर आदिल रशीद कसी हुई गेंदबाजी कर रहे थे। ऐसे में गंभीर ने बड़ा फैसला लेते हुए शिवम दुबे को नंबर-4 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा। दुबे लेग स्पिन के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं और उन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।

तिलक वर्मा को नंबर-7 पर भेजना भी मास्टरस्ट्रोक

इस मुकाबले में एक और चौंकाने वाला फैसला तब देखने को मिला जब पूरे टूर्नामेंट में नंबर-3 पर खेलने वाले तिलक वर्मा को सीधे नंबर-7 पर बल्लेबाजी के लिए उतारा गया। टीम मैनेजमेंट चाहता था कि अंतिम ओवरों में ऐसा बल्लेबाज मैदान पर आए जो तेजी से रन बना सके। तिलक वर्मा ने इस रणनीति को सही साबित करते हुए सिर्फ 7 गेंदों में 21 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी यह छोटी लेकिन अहम पारी भारत की जीत में बड़ा अंतर साबित हुई।

ऑस्ट्रेलिया का बड़ा रिकॉर्ड टूटा, भारत ने रचा इतिहास

इस जीत के साथ भारत ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। टीम इंडिया अब आईसीसी टूर्नामेंट्स के इतिहास में सबसे ज्यादा बार फाइनल खेलने वाली टीम बन गई है। भारत अब अपना 15वां आईसीसी फाइनल खेलेगा, जो क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के नाम था, जिसने 14 बार आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं न्यूजीलैंड की टीम आठवीं बार आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में उतरेगी। अब अहमदाबाद में होने वाला फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है, जहां भारत इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

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