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नई  दिल्ली, 1जनवरी, 2021

भारत आज से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बन गया है. भारत को आठवीं बार ये अहम जिम्मेदारी मिली है. इस पद के लिए भारत दो साल के लिए चुना गया है. इस दौरान भारत दुनिया के अहम सामरिक और रणनीतिक मामलों में अपने नजरिए से ग्लोबल पावर बैलेंस को प्रभावित करेगा.

भारत आज से संयुक्त राष्ट्र में नए रोल में होगा. भारत आज से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बना है. भारत को आठवीं बार ये अहम जिम्मेदारी मिली है. इस पद के लिए भारत दो साल के लिए चुना गया है. इस दौरान भारत दुनिया के अहम सामरिक और रणनीतिक मामलों में अपने नजरिए से ग्लोबल पावर बैलेंस को प्रभावित करेगा.

आज भारत के अलावा 4 और देश UNSC के सदस्य बने हैं. ये देश हैं नॉर्वे, मेक्सिको, आयरलैंड और केन्या. इस मौके पर इंडिया टुडे ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत टीएस तिरुमूर्ति से बात की.

टी एस तिरुमूर्ति ने कहा कि अपने कार्यकाल में भारत दुनिया भर में आतंकवाद से लड़ने पर जोर देगा और आतंकवाद को पनाह देने वाली ताकतों की साजिशों का पर्दाफाश दुनिया के सामने करेगा.

इसके अलावा भारत का फोकस अफगानिस्तान में शांति बहाली की कोशिशों पर होगा. राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित कर सकते हैं. भारत को अगस्त महीने में UNSC की अध्यक्षता मिलने वाली है. टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत ने कोरोना महामारी संक्रमण के दौरान सराहनीय काम किया है और दुनिया के कई देशों को मदद मुहैया कराई है.

उन्होंने एशिया महादेश में चीन की विस्तारवादी नीति पर भी चर्चा की और कहा है कि 21वीं सदी में किसी भी देश का ये रवैया नहीं चल सकता है. राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास की अवधारणा के मानव केंद्रित रूप की चर्चा की और कहा कि विकास का फोकस समग्र मानवता का कल्याण होना चाहिए.

भारतीय राजनयिक ने कहा कि भारत UNSC के अंदर रहे या बाहर सुरक्षा परिषद में 1965 में औपचारिक तौर कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा की गई थी. भारत कोशिश करेगा कि ये रिकॉर्ड ऐसा ही बना रहे. साफ है कि भारत कश्मीर मुद्दे को UNSC में उठाने की चीन और पाकिस्तान के किसी कोशिश को कामयाब नहीं होने देगा.

राजदूत टी एस तिरुमूर्ति ने कहा कि कोरोना काल का फायदा उठाकर चीन और पाकिस्तान ने आतंकवाद और सीमा विवाद को बढ़ाने की कोशिश की. उन्होंने कहा, “कुछ राज्यों ने कोरोना से पैदा हुए हालात का फायदा उठाया और आतंकवाद को मदद किया, जैसे कि पाकिस्तान, जबकि संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने पूरी दुनिया में संघर्षविराम की घोषणा की थी. धार्मिक आधार पर भी भेदभाव को बढ़ाया दिया गया.

टी एस तिरुमूर्ति ने कहा कि सुरक्षा परिषद में रहते हुए भारत संयुक्त राष्ट्र के रिफॉर्म्स के लिए तेजी से काम करेगा. इसके अलावा भारत आतंकवाद और आतंक के पोषकों को खिलाफ लगातार अभियान चलाएगा. उन्होंने कहा कि अगस्त में भारत सुरक्षा परिषद अध्यक्षता संभालेगा. ये एक ऐसा मौका हो सकता है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी UNSC को संबोधित कर सकते हैं.