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लखनऊ, 14 अगस्त 2021

पूरा देश कल यानी रविवार को आजादी का जश्न मनाएगा. 75वें स्वतंत्रता दिवस (Independence Day 2021) को धूमधाम से मनाने की तैयारियां भी हो चुकी हैं. यूपी की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में घेवर को इस बार जश्न-ए-आजादी का रंग दिया गया है. देश की शान तिरंगे के रंग में रंगा घेवर बेहद खूबसूरत लग रहा है. लखनऊ में ‘छप्पन भोग’ नाम की एक दुकान पर घेवर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. घेवर ही नहीं यहां और भी कई मिठाइयों को तिरंगे के रंग में रंगा गया है. छप्पन भोग से मार्केटिंग और पीआर हेड क्षितिज गुप्ता बताते हैं, ‘हमने कई मिठाइयों में बदलाव किया है विशेष तौर पर घेवर में. इस बार हमने मिठाइयों को अलग ट्विस्ट किया है.’

वहीं गोरखपुर का रेलवे स्टेशन पर आजादी के जश्न का अलग ही माहौल देखने को मिल रहा है. रेलवे स्टेशन की इमारत तिरंगे की लाइट से रोशन है. तिरंगा की रोशनी में नहाता हुआ रेलवे स्टेशन बेहद खूबसूरत लग रहा है.

दरअसल साल 2002 में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने के लिए कुछ नियम बने जिसे हम भारतीय ध्वज संहिता के नाम से जानते हैं. इस संहिता में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने के सभी नियम, औपचारिक दिशा-निर्देश को बारीकी से बताया गया है. इस संहिता को भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी 2002 को लागू किया गया था.

राष्ट्र ध्वज फहराने के पहले ध्यान रखें यह नियम
1-तिरंगा कभी उल्टा नहीं फहराना चाहिए.
2-तिरंगा हमेशा सूती, सिल्क या खादी का होना चाहिए. प्लास्टिक का झंडा फहराने पर सजा का प्रावधान है.
3-झंडा फहराने के पहले अच्छी तरह से देख ले कि वह फटा या क्षतिग्रस्त न हो, इसके अलावा झंडा का रंग भी उड़ा नहीं होना चाहिए.
4-भारतीय ध्वज पर कुछ भी लिखना या बनाना कानूनन अपराध है.
5-झंडा जमीन को कभी छूना नहीं चाहिए.
6-जब झंडा फहराएं तो उसके बगल में उससे ऊंचा कोई झंडा न फहराएं.
7-अगर झंडा फट जाए या रंग उतर जाए तो इसे जल में प्रवाहित कर दें.
8- झंडे का प्रयोग कभी कपड़े बनाने में नहीं किया जा सकता है.