भोपाल में शुरू हुआ ‘आई एम बीजेपी फ्यूचर फोर्स’ बूट कैंप, गैर-राजनीतिक युवाओं को मिलेगा सियासी प्रशिक्षण

भोपाल में आज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फ्यूचर लीडर्स’ प्रोग्राम का आगाज हो गया है। इस कार्यक्रम के तहत भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राजनीति में नई लीडरशिप तैयार करने के लिए गैर-राजनीतिक परिवारों से आने वाले युवाओं को ट्रेनिंग दे रही है। इस दो दिवसीय बूट कैंप का आयोजन ‘आई एम बीजेपी फ्यूचर फोर्स’ नाम से किया गया है, जिसमें देशभर के 125 युवा प्रोफेशनल्स को सियासी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

गैर-राजनीतिक युवाओं को राजनीति की ABCD
बीजेपी ने इस बूट कैंप के जरिए डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, पत्रकार, सोशल वर्कर, युवा उद्यमी, पूर्व सैनिक और आईआईटी स्नातकों जैसे विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स को राजनीति की बारीकियां सिखाने की योजना बनाई है। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने राजनीति को परिवारवाद और जातिवाद से मुक्त करने की बात कही थी। 15 अगस्त 2024 को लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने गैर-राजनीतिक परिवारों के 1 लाख युवाओं को राजनीति में लाने का ऐलान किया था।

भोपाल में बीजेपी का पायलट प्रोजेक्ट
यह पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल भोपाल में शुरू किया गया है, जिसमें 800 शॉर्टलिस्टेड युवा प्रोफेशनल्स में से टॉप-125 को पहले बैच के रूप में बुलाया गया है। इन्हें बीजेपी की विचारधारा, संविधान, कार्यशैली और संगठनात्मक ढांचे के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। दो दिवसीय इस कार्यशाला में बीजेपी के दिग्गज नेता और विशेषज्ञ इन युवाओं को मार्गदर्शन देंगे। ट्रेनिंग देने वालों में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, बीजेपी के नीति अनुसंधान और सुशासन के राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे, दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. अनिर्बान गांगुली शामिल हैं।

बीजेपी फ्यूचर लीडर्स का चयन कैसे होता है?
बीजेपी ने ‘फ्यूचर लीडर्स प्रोग्राम’ के लिए एक विस्तृत चयन प्रक्रिया अपनाई है। सबसे पहले पार्टी ने युवा प्रोफेशनल्स के बीच सदस्यता अभियान चलाया, जिसमें 3,000 से अधिक युवाओं ने बीजेपी जॉइन की। इसके बाद, इन सदस्यों में से गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि के 800 युवाओं को शॉर्टलिस्ट किया गया। चयन प्रक्रिया के दौरान उनके प्रोफेशनल बैकग्राउंड, विचारधारा, अनुभव और सामाजिक सरोकार को परखा गया। खासतौर पर इस बात का ध्यान रखा गया कि चयनित युवा किसी राजनीतिक परिवार से न आते हों।

भोपाल से पूरे देश में फैलेगा यह मॉडल
भोपाल में चल रहे इस बूट कैंप के फीडबैक और सफलता के आधार पर बीजेपी इस कार्यक्रम को देशभर में लागू करने की योजना बना रही है। भविष्य में यह प्रशिक्षण शिविर अन्य राज्यों में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक गैर-राजनीतिक युवाओं को राजनीति में आने का मौका मिल सके।

प्रधानमंत्री मोदी के इस विजन के तहत बीजेपी राजनीति में नए चेहरों को लाकर पार्टी को और अधिक युवा और गतिशील बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। यह पहल राजनीति में बदलाव लाने और योग्य युवाओं को नेतृत्व देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।

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