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नई दिल्ली, 30जनवरी 2021

किसान संगठनों के नेताओं ने कहा है कि केंद्र के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर सद्भावना दिवस मनाएंगे और दिन भर का उपवास रखेंगे. किसान नेताओं ने दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सुबह 9बजे से शाम 5 बजे तक उपवास रखा जाएगा. उन्होंने देश के लोगों से किसानों के साथ जुड़ने की अपील की. इस बीच, दिल्ली पुलिस ने हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक 44 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें दिल्ली-हरियाणा सिंघू बॉर्डर पर झड़पों के दौरान शुक्रवार को एक पुलिसकर्मी पर तलवार से  हमला करने वाला व्यक्ति भी शामिल है. तीन कृषि  कानूनों के खिलाफ दो महीने से भी ज्यादा समय से किसान दिल्ली के अलग-अलग सीमाओं पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.

  • किसान संगठनों ने शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा के किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लामबंद करना शुरू कर दिया है. वहीं, शिरोमणि अकाली दल और इनेलो जैसे राजनीतिक दलों ने भी किसानों का साथ देने की घोषणा की है. किसान नेताओं ने दावा किया कि जींद, हिसार, भिवानी और रोहतक सहित हरियाणा के कई हिस्सों से किसानों ने केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली की सीमाओं की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है.
  • भारतीय किसान यूनियन (चडूनी) के एक नेता ने कहा कि हरियाणा में कई खाप पंचायतों ने बैठकें कीं और किसान आंदोलन को समर्थन देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि कई गांवों ने प्रदर्शन में अपनी ट्रैक्टर ट्रॉली भेजने का फैसला किया है. शिरोमणि अकाली दल ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे दिल्ली की सीमाओं पर तीन प्रदर्शन स्थलों पर आंदोलन को मजबूती देने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचें.
  • कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे और राकेश टिकैत से मिलकर किसानों के प्रति एकजुटता व्यक्त की. नए कृषि कानूनों के विरोध में विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके इनेलो नेता अभय चौटाला ने कहा कि वह शनिवार को गाजीपुर प्रदर्शन स्थल पर जाएंगे और टिकैत तथा किसानों के साथ एकजुटता व्यक्त करेंगे. वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि लालकिला परिसर की घटना के चलते किसानों के खिलाफ किया जा रहा दुष्प्रचार बंद किया जाना चाहिए. सिंह ने  कहा, ‘‘जो हो रहा है और जो सिंघू बॉर्डर पर हुआ, पाकिस्तान वही चाहता है.”
  • अन्य विरोध स्थलों में से एक, गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे हजारों प्रदर्शनकारियों को गाजियाबाद प्रशासन ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को खाली करने का अल्टीमेटम दिया है बावजूद इसके हजारों किसान वहां फिर से इकट्ठे हो रहे हैं. इसे देखते हुए वहां भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के समर्थक शुक्रवार को दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेसवे पर फिर से एकत्र होने लगे और वहां किसानों की भीड़ बढ़ने लगी है.
  • बीकेयू के आह्वान पर मेरठ, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मुराबादाबाद एवं बुलंदशहर जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से और अधिक किसान इस आंदोलन में शामिल होने के लिये यूपी गेट पहुंचे हैं. गाजीपुर में यूपी गेट पर एक समय टकराव की स्थिति बन गयी थी जब बृहस्पतिवार की शाम विरोध स्थल पर लगातार बिजली कटौती देखी गई. वहां राकेश टिकैत के नेतृत्व में बीकेयू सदस्य पिछले साल 28 नवंबर से धरना पर हैं.
  • उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, आरएलडी नेता जयंत चौधरी एवं भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने टिकैत से मुलाकात की है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव एवं बसपा प्रमुख मायावती ने भी किसान आंदोलन को अपनी पार्टी का समर्थन दिया है.
  • केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के प्रमुख केंद्रों में से एक टीकरी बॉर्डर पर शुक्रवार को किसानों को वहां से हटाने की मांग को लेकर स्थानीय होने का दावा करने वाले लोगों के एक समूह ने प्रर्दशन किया जिससे वहां का माहौल कुछ समय के तनावपूर्ण हो गया. राष्ट्रीय झंडा लिए आसपास के इलाकों के करीब 30-40 लोगों ने 26 जनवरी को किसान प्रदर्शनकारियों द्वारा तिरंगे का कथित रूप से ‘अपमान’ करने के खिलाफ नारेबाजी की. मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने कुछ समय बाद समूह को वापस जाने के लिए राजी कर लिया.
  • किसान नेताओं ने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधा है और आरोप लगाया है कि कृषि कानूनों के खिलाफ “शांतिपूर्ण” आंदोलन को “बर्बाद” करने का प्रयास किया जा रहा है. नेताओं ने कहा, ‘‘इस किसान आंदोलन को नष्ट करने की सत्ताधारी भाजपा की साजिश अब सामने आ गयी है.”किसान नेताओं ने यह भी दावा किया कि बृहस्पतिवार की रात गाजीपुर सीमा से किसान नेता राकेश टिकैत को हटाने की पुलिस की कथित कोशिश के बाद सभी प्रमुख प्रदर्शन स्थलों – गाजीपुर, सिंघू और टीकरी में आंदोलनकारियों की संख्या बढ़ रही है.
  • भारतीय किसान यूनियन के नेता युधिष्ठिर सिंह ने कहा कि हमें इन (भाजपा) लोगों से राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करने पर व्याख्यान की जरूरत नहीं है. यहां बैठे अधिकांश किसानों के अपने बच्चे सीमाओं पर देश के लिए लड़ रहे हैं.” उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के आंदोलन को दबाने की कोशिश ने इसे और तेज कर दिया है क्योंकि कल रात की घटना के बाद से और अधिक लोग आंदोलन में शामिल हुए हैं.
  • भारतीय किसान यूनियन (उग्राहां) के एक किसान नेता ने कहा कि अगले कुछ दिन में सिंघू तथा टीकरी बॉर्डरों की तरफ और किसान जाएंगे.उल्लेखनीय है कि गाजियाबाद प्रशासन ने आंदोलनकारी किसानों को मध्य रात्रि तक यूपी गेट खाली करने का बृहस्पतिवार को अल्टीमेटम दिया था जबकि दिल्ली पुलिस ने किसान नेताओं के खिलाफ ‘लुकआउट’ नोटिस जारी किए थे.