नई दिल्ली, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) को करारी हार का सामना करना पड़ा है। आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रवेश वर्मा से लगभग 1,200 वोटों से पराजित हो गए हैं।
नई दिल्ली सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखा गया, जिसमें अरविंद केजरीवाल, भाजपा के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के संदीप दीक्षित मैदान में थे। प्रवेश वर्मा ने जीत के बाद कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन किए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की।
इसके अतिरिक्त, आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया भी जंगपुरा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार तरविंदर सिंह मारवाह से लगभग 600 वोटों से हार गए हैं। सिसोदिया ने अपनी हार स्वीकार करते हुए विजेता उम्मीदवार को बधाई दी और उम्मीद जताई कि वे क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करेंगे।
चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार, भाजपा ने 70 सदस्यीय विधानसभा में 47 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि आप 23 सीटों पर सिमट गई है। पिछले दस वर्षों से दिल्ली की सत्ता में काबिज आप को इस बार करारी हार का सामना करना पड़ा है।
दिल्ली में 5 फरवरी को हुए मतदान में 1.55 करोड़ पात्र मतदाताओं में से 60.54 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। भाजपा की इस जीत के साथ, पार्टी ने 25 वर्षों के बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी की है।
इस चुनाव में भाजपा और आप दोनों ने सरकारी स्कूलों के सुधार, मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली, और गरीब महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता जैसे वादे किए थे। आप ने 2020 के पिछले चुनाव में 70 में से 62 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा को 8 सीटें मिली थीं।
कुल मिलाकर, इस बार के चुनाव परिणामों ने दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं, जिसमें भाजपा की मजबूत वापसी और आप की अप्रत्याशित हार प्रमुख रही है।




