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“कांग्रेस की कमिटियां बस ठप्पा लगाती थीं”: वक्फ बिल पर संसद में गरमाई बहस

“कांग्रेस की कमिटियां बस ठप्पा लगाती थीं”: वक्फ बिल पर संसद में गरमाई बहस

नई दिल्ली: वक्फ (संशोधन) विधेयक पर लोकसभा में जोरदार बहस छिड़ गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा पेश किए गए इस विधेयक पर विपक्ष ने जमकर सवाल उठाए, जिसके जवाब में गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। शाह ने कहा कि यह कांग्रेस के जमाने की कमिटी नहीं है, जहां केवल ठप्पा लगाया जाता था। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बिल पर संयुक्त संसदीय समिति ने विचार किया, विपक्ष की मांग के अनुरूप कैबिनेट में इसे मंजूरी मिली और इसके बाद ही इसे सदन में पेश किया गया।

शाह ने विपक्ष को दिया करारा जवाब
विपक्षी सांसदों द्वारा संशोधन प्रस्तावों पर सवाल उठाने पर अमित शाह ने कहा, “अगर कमिटी को कोई विचार ही नहीं करना था, तो फिर कमिटी की जरूरत ही क्या थी?” उन्होंने स्पष्ट किया कि संयुक्त संसदीय समिति की सिफारिशों को पूरी गंभीरता से लिया गया और कैबिनेट ने इसमें आवश्यक संशोधन किए। शाह के इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

रिजिजू ने पेश किया विधेयक, सुनाई शायरी
लोकसभा में विधेयक पेश करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस विधेयक का विरोध करने वाले भी अपना रुख बदलेंगे। उन्होंने मशहूर शायर इमाम आजम की शायरी पढ़ते हुए कहा:
“किसी की बात कोई बद-गुमाँ न समझेगा,
ज़मीं का दर्द कभी आसमाँ न समझेगा।”
रिजिजू ने कहा कि यह विधेयक देश में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है।

कांग्रेस ने किया विरोध, 8 घंटे की बहस तय
कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इस विधेयक का कड़ा विरोध करने का ऐलान किया है। कांग्रेस सांसदों का कहना है कि यह विधेयक अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों पर चोट करेगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस विधेयक पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय निर्धारित किया है।

सत्ता पक्ष बनाम विपक्ष: तकरार जारी
जहां सरकार इस विधेयक को सुधारात्मक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों में दखल मान रहा है। सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है, और इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में राजनीतिक सरगर्मियां और बढ़ने की संभावना है।

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