लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा नेता अबू आजमी का नाम लिए बिना कहा कि सपा औरंगजेब को अपना आदर्श मानती है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “अरे उस कमबख्त को पार्टी से बाहर निकालिए, नहीं तो यूपी भेज दीजिए। उत्तर प्रदेश ऐसे लोगों का उपचार अच्छे से करता है।”
दरअसल, अबू आजमी ने एक बयान में मुगल शासक औरंगजेब को महान बताया था, जिसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। इस बयान को लेकर विपक्ष ने सपा को घेरना शुरू कर दिया। भारी विरोध के बाद अबू आजमी ने अपना बयान वापस ले लिया, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
योगी का सपा पर हमला
सीएम योगी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को भारत की विरासत पर गौरव महसूस नहीं होता। उन्होंने कहा, “कम से कम जिनके नाम पर राजनीति करते हो, उन्हीं की बातों को मान लो। डॉक्टर लोहिया ने कहा था कि भारत की संस्कृति के आधार भगवान राम, कृष्ण और शंकर हैं, लेकिन आज सपा उनके सिद्धांतों से भटक चुकी है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब सपा ने अपना आदर्श औरंगजेब को बना लिया है।
‘कोई सभ्य व्यक्ति अपनी औलाद का नाम औरंगजेब नहीं रखता’
सीएम योगी ने औरंगजेब को आस्था पर प्रहार करने वाला बताते हुए कहा कि वह भारत का इस्लामीकरण करने आया था। उन्होंने कहा, “कोई भी सभ्य व्यक्ति अपनी औलाद का नाम औरंगजेब नहीं रखता।” उन्होंने यह भी कहा कि औरंगजेब के पिता शाहजहां ने खुद लिखा था, ‘खुदा करे ऐसी औलाद किसी को न दे।’
सीएम योगी ने शाहजहां की जीवनी पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि जो लोग औरंगजेब को महान बता रहे हैं, वे भारत के इतिहास और संस्कृति के साथ अन्याय कर रहे हैं। उन्होंने सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता इस सच्चाई को समझ चुकी है और अब ऐसे विचारधारा को स्वीकार नहीं करेगी।
सियासी बवाल जारी
अबू आजमी के बयान पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। भाजपा नेता लगातार सपा से जवाब मांग रहे हैं। वहीं, सपा की ओर से अबू आजमी ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। बावजूद इसके, विपक्ष हमलावर बना हुआ है।
इस पूरे विवाद के चलते उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है, और अब इस पर आगे क्या राजनीतिक समीकरण बनते हैं, यह देखने वाली बात होगी।




