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बीजेपी ने अखिलेश यादव का क‍िला ढहाने की जिम्मेदारी जितेंद्र सिंह को दी, यूपी की 14 लोकसभा सीटों पर अभी से लगाई बड़े नेताओं की ड्यूटी

बीजेपी ने अखिलेश यादव का क‍िला ढहाने की जिम्मेदारी जितेंद्र सिंह को दी, यूपी की 14 लोकसभा सीटों पर अभी से लगाई बड़े नेताओं की ड्यूटी

लखनऊ, भारतीय जनता पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों में जुट गई है। खासकर, पार्टी उत्तर प्रदेश में उन लोकसभा सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने के इरादे में प्लान बनाने में जुट गई है, जहां लोकसभा चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है। लोकसभा चुनाव 2019 में जिन सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, उस सीटों के लिए पार्टी खास प्लान बनाने में जुट गई है।

भाजपा ने इन सीटों पर पार्टी का ग्राफ बढ़ाने और पकड़ मजबूत करने के इरादे में कुछ बड़े नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह को मुरादाबाद, अमरोहा, संभल और मैनपुरी की जिम्मेदारी दी गई है। अमरोहा के अलावा, बाकी तीन सीटों पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है। मैनपुरी की बात करें तो सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव इस सीट से सांसद हैं, जिस पर भाजपा की नजरें हैं।

इसके अलावा, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सहारनपुर, नगीना और बिजनौर की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा, केंद्रीय राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी को जौनपुर, गाजीपुर और लालगंज लोकसभा सीट की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया की परंपरागत सीट रायबरेली के अलावा श्रावस्ती, अंबेडकर नगर और मऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी की नजरें अमेठी के बाद अब रायबरेली की सीट पर है जहां भाजपा को लोकसभा चुनावों में सफलता नहीं मिली है। इस सीट पर सोनिया गांधी और कांग्रेस को घेरने के लिए भाजपा ने अभी से रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

मुस्लिम बहुल सीटों पर नजरें: रामपुर और आजमगढ़ के हालिया उपचुनावों में जीत से उत्साहित भाजपा उन सीटों पर फोकस कर रही है जहां मुस्लिम आबादी अधिक है। रामपुर उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार को करीब 42 हजार वोटों से जीत मिली। 45 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले रामपुर में जीत के अलावा भाजपा ने 13 सालों के बाद आजमगढ़ सीट पर कब्जा कर लिया, जहां दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने सपा मुखिया अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव को मात दी।

यूपी भाजपा के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का दावा है कि विधानसभा चुनावों में पार्टी को 8 फीसदी पसमांदा मुसलमानों का वोट मिला। सीएसडीएस लोकनीति सर्वे 2022 ने भी अपनी रिपोर्ट में यही दावा किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी में पसमांदा मुसलमानों की आबादी करीब 18 फीसदी है। दिलचस्प बात है कि भाजपा ने दानिश आजाद अंसारी को योगी सरकार में मंत्री बनाया है जो पसमांदा मुसलमान हैं। ऐसे में भाजपा पसमांदा मुसलमानों के बीच पकड़ मजबूत करने में जुट गई है।

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