महाराष्ट्र के बीड जिले में मस्जिद में हुए विस्फोट के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक अबू आजमी ने इस घटना को लेकर बीजेपी नेताओं पर मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस देश में न्याय धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि निष्पक्षता के साथ होना चाहिए।
‘मुसलमानों के खिलाफ नफरत पैदा हो गई’
अबू आजमी ने कहा कि जब सरकार में बैठे मंत्री और मुख्यमंत्री लगातार मुसलमानों के खिलाफ बयानबाजी करेंगे, तो इससे समाज में नफरत पनपेगी और ऐसी घटनाएं होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और बीड मस्जिद विस्फोट उसी की एक कड़ी है।
‘बुलडोजर पंचर हो गया क्या?’
अबू आजमी ने नागपुर की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब एक व्यक्ति ने मस्जिद पर बम फेंका था, तब उसके खिलाफ बहुत हल्की धाराएं लगाई गईं। उन्होंने मांग की कि बीड मस्जिद विस्फोट में गिरफ्तार आरोपियों पर भी आतंकवाद के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “अगर कोई मुसलमान ऐसा करता तो तुरंत बुलडोजर चल जाता, लेकिन इस बार तो बुलडोजर पंचर हो गया।”
क्या है पूरा मामला?
बीड जिले के गेवराई तहसील स्थित अर्धा मसला गांव की एक मस्जिद में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात विस्फोट हुआ। पुलिस के अनुसार, मस्जिद में छुपाकर रखी गई जिलेटिन की छड़ों में धमाका हुआ, जिससे मस्जिद का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ।
पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है। प्रशासन ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है। तनाव के बावजूद हिंदू और मुस्लिम समुदाय के ग्रामीणों ने मिलकर माहौल बिगड़ने नहीं दिया।
विपक्ष का सरकार पर हमला
इस घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा है। अबू आजमी ने कहा कि बीजेपी सरकार में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच NIA और ATS से कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
सरकार की चुप्पी पर सवाल
अबू आजमी ने कहा कि जब कोई मुसलमान किसी घटना में शामिल होता है, तो पूरी सरकार और मीडिया उसे आतंकी साबित करने में लग जाती है। लेकिन जब किसी अन्य समुदाय का व्यक्ति ऐसे कृत्य करता है, तो सरकार चुप रहती है। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए और निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
बीड मस्जिद विस्फोट ने महाराष्ट्र की राजनीति को गर्मा दिया है। जहां एक ओर प्रशासन मामले की जांच कर रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष सरकार पर पक्षपात का आरोप लगा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस घटना में गिरफ्तार आरोपियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है और क्या सरकार निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित कर पाती है या नहीं।



