नई दिल्ली, 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर विभिन्न राज्यों और मंत्रालयों की झांकियों ने भारत की विविधता, प्रगति और सांस्कृतिक धरोहर का अद्भुत प्रदर्शन किया। झांकियों ने दर्शकों को भारतीय परंपराओं, कला, विज्ञान और तकनीकी प्रगति से रूबरू कराया।
झारखंड की झांकी: झारखंड की झांकी में उद्योगपति रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी गई। इसमें इस्पात संयंत्र का मॉडल और म्यूरल्स ट्राइब्स की सोहराई कला का प्रदर्शन किया गया। सरायकेला के प्रसिद्ध छऊ नृत्य ने झांकी में जान डाल दी।
पंजाब की झांकी: पंजाब की झांकी में सूफी संत बाबा शेख फरीद की मनोहर छवि और कृषि प्रधान संस्कृति का प्रदर्शन किया गया। पत्थर पर बारीक कलाकृति ने झांकी को और भी प्रभावशाली बना दिया।
नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की झांकी: इस झांकी ने अक्षय ऊर्जा प्रौद्योगिकी और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर ध्यान केंद्रित किया। झांकी में कार्बन मुक्त भविष्य की प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया।
मध्य प्रदेश की झांकी: मध्य प्रदेश की झांकी में जैव विविधता और चीता संरक्षण को दिखाया गया। ’70 साल बाद चीतों की ऐतिहासिक वापसी’ थीम पर आधारित झांकी में कूनो नेशनल पार्क का चित्रण और श्योरपुर के लहंगी नृत्य ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
पश्चिम बंगाल की झांकी: पश्चिम बंगाल की झांकी में लोक कलाओं और तकनीकी विकास को प्रदर्शित किया गया। बिश्नुपुर के टेराकोटा मंदिरों की वास्तुकला और लोक संस्कृति को प्रभावी ढंग से दिखाया गया।
चंडीगढ़ की झांकी: चंडीगढ़ की झांकी ‘सिटी ब्यूटीफुल’ थीम पर आधारित थी। इसमें नेकचंद के प्रसिद्ध रॉक गार्डन, मोजेक म्यूराल्स और धनास झील में तैरते सौर पैनल का प्रदर्शन किया गया।
रोजगार मंत्रालय की झांकी: झांकी में रोजगार सृजन, आर्थिक समृद्धि और ‘विकसित भारत 2047’ का संदेश दिया गया। इसमें तमिल वाद्ययंत्र याज्ह और कुम्हार के पहिये को दिखाया गया, जो परिवर्तन और निरंतरता का प्रतीक है।
लोक निर्माण विभाग की झांकी: संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर आधारित इस झांकी में अशोक चक्र, समय का पहिया और संविधान की प्रतिकृति प्रदर्शित की गई। झांकी का संदेश था- “गतिशीलता जीवन है, स्थिरता मृत्यु।”
गुजरात की झांकी: गुजरात की झांकी ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास’ थीम पर आधारित थी। इसमें 12वीं सदी के वडनगर के कीर्ति तोरण, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और जनजातीय चित्रकला पिथोरा का प्रदर्शन किया गया।
इन झांकियों ने भारत की विविध संस्कृति, प्रगति और तकनीकी विकास को शानदार तरीके से प्रस्तुत किया और गणतंत्र दिवस के इस विशेष अवसर को यादगार बना दिया।




