लखीमपुर खीरी, तिकुनिया हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत आदेश रद्द होने के बाद आशीष मिश्र ने रविवार को सरेंडर कर दिया। 25 अप्रैल तक उनके पास सरेंडर करने का समय था। कैबिनेट मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र ने एक दिन पहले सरेंडर किया। पुलिस उन्हें लेकर जेल पहुंची है। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिन पहले ही उनकी जमानत रद्द की थी। इसके बाद उन्होंने सरेंडर किया।
26 अप्रैल को जिला अदालत में होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट से जमानत आदेश रद्द होने के बाद प्रमुख आरोपी आशीष मिश्र मोनू को एक सप्ताह की मोहलत मिली थी, जो 25 अप्रैल सोमवार को समाप्त हो रही थी। एक दिन पहले मंत्री के बेटे ने सरेंडर कर दिया। वहीं, इससे पहले अधिवक्ताओं ने बताया था कि 25 अप्रैल को आशीष मिश्र मोनू सिविल कोर्ट मे उपस्थित होकर आत्मसमर्पण करेगा। उसके बाद 26 अप्रैल को जिला अदालत में आशीष मिश्र पर आरोप तय करने को लेकर सुनवाई है।
नहीं मिल पा रही नकल
तिकुनिया हिंसा मामले में डिस्चार्ज एप्लीकेशन को लेकर भी तमाम दिक्कतें आ रही हैं। सह आरोपी अंकित दास, लतीफ काले, सत्यम त्रिपाठी, नंदन सिंह बिष्ट सहित पांच आरोपियों की ओर से डिस्चार्ज एप्लीकेशन की तैयारी में जुटे वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने बताया कि 164 के अधीन दर्ज किए गए बयानों की नकल आवेदित किए हुए 10 दिन से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अभी तक स्टाफ की कमी के चलते नकल नहीं बनवाई जा सकी हैं। ऐसे में 10 दिनों के भीतर डिस्चार्ज एप्लीकेशन को फाइनल टच दे पाना संभव नहीं हो पा रहा है। लेकिन, उनके स्तर से तैयारी जारी है।




