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झाँसी, 3 अगस्त 2021

झांसी । यूपी के बुंदेलखंड में सबकुछ ठीक रहा तो दिसम्बर से यहां पर पानी खुशहाली की कहानी लिखेगा। यहां के लोगों को प्यास बुझ जाएगी और जल समृद्धि आएगी। क्षेत्र में 32 परियोजनाओं में कुल 467 पाइप पेयजल योजनाओं के लिए दिन रात हो रहे निर्माण कार्य को देखकर गांव वाले भी बेहद खुश हैं। उन्हें पूरा आस है कि जल्द ही उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो जाएगा। यहां पर सभी की प्यास भी बुझ जाएगी। हर घर जल मिशन के अंतर्गत 239.76 करोड़ की लागत से बन रही झांसी जिले की बुढ़पुरा पेयजल परियोजना को लेकर उस गांव के लोग काफी खुश हैं। इस परियोजना से क्षेत्र के 62 राजस्व गांव के लोगों को पीने का साफ पानी मिलेगा। लेकिन, बुढ़पुरा गांव के रहने वालों के चेहरे पर इस परियोजना के चालू होने की खुशी कुछ ज्यादा ही है। उनका कहना है कि वर्षो से मीलों चलकर पानी लाना पड़ता है। अब यह योजना से घर पर ही शुद्ध जल मिलेगा। बुढ़पुरा गांव के लोग इस लिए भी ज्यादा आशान्वित हैं कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कुछ समय पहले गांव आए थे और परियोजना को समय से पहले ही पूर्ण करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से निर्माण कार्य में भी तेजी आयी है।

झांसी स्थित बुढ़पुरा गांव के ही रमेश कहते हैं, “हमारी जमीन कई वर्षों से प्यासी है। इस परियोजना से हमारी धरती को पर्याप्त पानी मिल जाएगा। जानवर से लेकर इंसान सभी को पानी मिलेगा। इससे बड़ी बात क्या है। अभी हमें कुओं से पानी लेने के लिए कई किलोमीटर चलना पड़ता है।”

गांव के मुन्ना लाल ने बताया, “पानी उनके लिए सपना से कम नहीं है। तकरीबन एक मील रोज चलकर पानी लाना पड़ता है। इस परियोजना के शुरू होने से हमारी पीढ़ी की प्यास बुझ जाएगी। वह इसके लिए उप्र सरकार की सरहना भी कर रहे हैं।”

छविराम ने बताया, “इस परियोजना के शुरू होने से हर घर को शुद्ध पानी तो मिलेगा ही साथ में हमारे खेत व जानवर सभी की प्यास बुझ जाएगी। इसके अलावा कई जमाने से यहां पर जलसमृद्धि के लिए भटक रहे लोगों का सपना भी पूरा हो जाएगा।”

बलराम राजपूत कहते हैं, “इस सरकार में पानी की समस्या का तो अंत हो रहा है। बस हम लोगों को रोजगार और दिलवा दें, सारी तकलीफ दूर हो जाएगी। सुमन कहती हैं कि “छोटी-छोटी बच्चियों के साथ पानी के लिए बहुत दूर जाना पड़ता है। अगर मेहमान आ जाते हैं तो और दिक्कत होती है। कम से कम इस योजना से पानी की समस्या दूर हो जाएगी।”

हालांकि बुढ़पुरा गांव वाले इस परियोजना के चलते खेतों में जाने के मार्ग के अवरुद्ध हो जाने से थोड़ा परेशान भी दिखे, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही उनकी इस समस्या का स्थाई समाधान हो जाएगा।

गांव की ही एक महिला सन्नों कहती हैं, “पानी की समस्या तो दूर हो जाएगी, लेकिन यहां रेलवे लाइन के अंडर पास में बरसात के दिनों पानी बहुत भर जाता है। यदि इस समस्या का भी समाधान हो जाए तो बच्चे स्कूल जा सकेंगे और लोग बाहर जाकर रोजगार भी कर सकेंगे।”