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नई दिल्ली, 19 जुलाई 2021

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सोमवार को कहा कि वह संसद के मानसून सत्र के दौरान निचले सदन में कथित फोन टैपिंग का मुद्दा उठाएंगे। संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए चौधरी ने कहा, हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में है। मैं इस मुद्दे को (सदन में) जरूर उठाऊंगा।

वह कथित फोन टैपिंग मुद्दे पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे। रविवार को एक समाचार आउटलेट द वायर ने बताया कि 40 से अधिक पत्रकार, तीन प्रमुख विपक्षी हस्तियां, एक संवैधानिक प्राधिकरण, नरेंद्र मोदी सरकार में दो सेवारत मंत्री, सुरक्षा संगठनों के वर्तमान और पूर्व प्रमुख और अधिकारी और कई व्यवसायी इसका शिकार हुए बताए गए हैं। भारत में मंत्रियों, विपक्ष के नेताओं, पत्रकारों, लीगल कम्युनिटी, कारोबारियों, सरकारी अफसरों, वैज्ञानिकों, एक्टिविस्ट समेत करीब 300 लोगों की जासूसी की गई है। द वायर की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से करीब 40 पत्रकार हैं। इन पर फोन के जरिए निगरानी रखी जा रही थी।

कुछ अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार तीन प्रमुख विपक्षी नेताओं, दो मंत्रियों और एक जज की भी जासूसी की गई है, हालांकि इनके नाम नहीं बताए हैं। इस जासूसी के लिए इजरायल के पेगासस स्पायवेयर का इस्तेमाल किया गया था।

पेगासस स्पायवेयर एक ऐसा कंप्यूटर प्रोग्राम है, जिसके जरिए किसी के फोन को हैक करके, उसके कैमरा, माइक, कंटेंट समेत सभी तरह की जानकारी हासिल की जा सकती है। इस सॉफ्टवेयर से फोन पर की गई बातचीत का ब्यौरा भी जाना जा सकता है।

द वायर की रिपोर्ट पब्लिश होने के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने इस पर जवाब दिया कि उसकी ओर से देश में किसी का भी फोन गैरकानूनी रूप से हैक नहीं किया है। आईटी मंत्रालय की तरफ से जारी चिट्ठी में कहा गया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मसलों पर तयशुदा कानूनी प्रक्रिया का पालने करते हुए ही किसी का फोन टेप करने की इजाजत दी जा सकती है।