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नई दिल्ली, 9 अप्रैल 2021

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कोविड-19 पर गठित मंत्री समूह की 24वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भारत में चल रहा कोविड टीकाकरण अभियान विश्व में सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान है। उन्होंने अभियान की उपलब्धियों का विवरण देते हुए कहा कि भारत में “60 वर्ष से अधिक आयु के 3 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों का टीकाकरण किया गया। शुक्रवार सुबह 9 बजे तक 9.43 करोड़ से अधिक वैक्सीन की खुराक दी गई हैं ।

डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि भारत ने वैक्सीन मैत्री के जरिए वैश्विक समुदाय को वैक्सीन की आपूर्ति की है। इसके अंतर्गत कोविड-19 वैक्सीन की 6.45 करोड़ खुराक 85 देशों को निर्यात की गई। 25 देशों को वाणिज्यिक अनुबंध के तहत 3.58 करोड़ खुराक की आपूर्ति की गई, 44 देशों को 1.04 करोड़ खुराक अनुदान के रूप में दी गई और 39 देशों को कोवैक्स के अंतर्गत 1.82 करोड़ खुराक दी गई।” उन्होंने यह भी बताया कि 149 जिलों में पिछले 7 दिनों में कोई मामला नहीं, 8 जिलों में पिछले 14 दिनों में, 3 जिलों में पिछले 21 दिनों में और 63 जिलों में पिछले 28 दिनों में कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया।
उन्होंने बताया कि देश के 149 जिलों में पिछले 7 दिनों में कोई मामला नहीं, 8 जिलों में पिछले 14 दिनों में, 3 जिलों में पिछले 21 दिनों में और 63 जिलों में पिछले 28 दिनों में कोरोना का कोई मामला सामने नहीं आया।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कुल की गई जांच और स्वास्थ्य ढांचे की उपलब्धता के बारे में बताया, “अब तक हमने कुल 25 करोड़ 71 लाख 98 हजार 105 जांच की हैं और पिछले 24 घंटों में 13 लाख 64 हजार 205 जांच की गई। देश में इस समय कुल 2,449 प्रयोगशालाएं हैं, जिनमें से 1230 सरकारी और 1219 निजी जांच प्रयोगशालाएं हैं।” उन्होंने कहा कि देश में कोविड-19 के प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य ढांचे का काफी विस्तार किया गया। दो हजार 84 विशेष कोविड अस्पताल (केन्द्र के 89 और राज्यों के 1995) अस्पताल देश भर में खोले गए हैं, जिनमें कुल चार लाख 68 हजार 974 कोविड बिस्तर हैं। इनमें से दो लाख 63 हजार 573 आइसोलेशन बिस्तर हैं, 50 हजार 408 आईसीयू बिस्तर हैं और एक लाख 54 हजार 993 ऑक्सीजन सुविधा वाले बिस्तर हैं। इसके अलावा 4,043 विशेष कोविड स्वास्थ्य केन्द्र (केन्द्र के 85 और राज्यों के 3958) स्थापित किए गए हैं। इनमें तीन लाख 57 हजार 96 कुल कोविड बिस्तर हैं, जिनमें से दो लाख 31 हजार 462 आइसोलेशन बिस्तर, 25 हजार 459 आईसीयू बिस्तर और एक लाख 175 ऑक्सीजन सुविधा वाले बिस्तर हैं। कुल 12,673 क्वारंटीन केन्द्र और 9,313 कुल कोविड केयर सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 28 दिल्ली में हैं, जिनमें कुल 9,421 आइसोलेशन बिस्तर हैं। उन्होंने राज्यों को दिए गए चिकित्सा उपकरण की स्थिति का विवरण देते हुए बताया कि कुल वेंटिलेटर, कुल पीपीई और कुल एन-95 मास्क राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों/केन्द्रीय संस्थानों को वितरित किए गए।

डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय की कोविड कंटेनमेंट और प्रबंधन के लिए मानक प्रचालन प्रक्रियाओं के प्रभावी पालन के सामूहिक प्रयास करने पर फोकस किया गया। इसके अलावा कोविड अनुकूल व्यवहार के प्रचार के पालन के लिए निजी अनुशासन पर बल दिया गया। भारत हाल ही के मामलों में आए उछाल पर काबू पा लेगा। उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केन्द्र शासित प्रदेशों के उप-राज्यपालों / प्रशासकों के साथ कल प्रधानमंत्री के विचार-विमर्श से प्रेरणा और मार्गदर्शन लेकर कहा कि कोविड अनुकूल व्यवहार अत्यंत महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सिंह ने देश में कोविड के 11 अधिक भार वाले राज्यों में कोविड की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दी, जिसमें बताया गया कि 8 अप्रैल, 2021 को भारत की 7 दिन की मामलों की वृद्धि दर 12.93 प्रतिशत रही, जो कि अमेरिका और ब्राजील से कम है। यद्यपि 8 अप्रैल, 2021 को दैनिक मामलों में देश में औसत वृद्धि दर 5.37 प्रतिशत रही, राष्ट्रीय मामलों का मृत्यु अनुपात कम होकर 1.28 प्रतिशत रह गया। उन्होंने बताया कि भारत की समग्र राष्ट्रीय रिकवरी दर जारी मामलों के उछाल के कारण कम होकर 91.22 प्रतिशत हो गई है।

विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से यह बताया गया कि 11 राज्यों में मिलकर कुल मामलों का 54 प्रतिशत है और भारत में कुल मृत्यु का 65 प्रतिशत बनता है। पिछले 14 दिन के दौरान महाराष्ट्र और पंजाब में अधिक मृत्यु के मामलों में और बढ़ोतरी हुई है (देश में कुल मृत्यु का 64 प्रतिशत)। फरवरी, 2021 की शुरुआत से सभी 11 राज्यों में मामलों में तेजी से वृद्धि हुई। अधिकांश मामले 15 से 44 आयु वर्ग की जनसंख्या में सामने आए और अधिकांश मौतें 60 वर्ष से अधिक आयु की वृद्ध जनसंख्या में हुई। महाराष्ट्र में (25 प्रतिशत) और छत्तीसगढ़ में (14 प्रतिशत) अधिक टेस्ट पॉजिटिविटी रेट रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई राज्यों में आरटी पीसीआर और रेपिड एंटिजन टेस्ट का अनुपात संतोषजनक नहीं था। निजी क्षेत्र में जांच क्षमता का कई राज्यों में पूरा उपयोग नहीं किया गया। राज्यों में गए दलों से प्राप्त जानकारी से पता चलता है कि कोविड अनुकूल व्यवहार यानी सही तरह से मास्क पहनने और आपस में सुरक्षित दूरी के पालन में उदासीनता और लापरवाही बरती गई, कंटेनमेंट जोन की गतिविधियों और भीड़भाड़ के अधिक आयोजनों से मामलों की संख्या में वृद्धि हुई।

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी.के. पॉल ने टीकाकरण के बारे में जनसंख्या के प्राथमिकता से संबंधित वैश्विक दृष्टिकोण को समझाया। इसी वैज्ञानिक और प्रमाण आधारित दृष्टिकोण ने कोविड टीकाकरण के लिए जनसंख्या आयु समूह की प्राथमिकता तय करने में भारत सरकार का मार्गदर्शन किया है। उन्होंने वर्तमान वैक्सीन के उत्पादन में वृद्धि के प्रयासों का विवरण दिया और नैदानिक परीक्षण प्रक्रिया के वैक्सीन की प्रभावशीलता और समय सीमा के बारे में भी बताया।