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नई दिल्ली, 22 मार्च 2021

मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए 100 करोड़ की वसूली और भ्रष्टाचार के आरोप को नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) बचाव में उतर गई है। महाराष्ट्र का लेटर विवाद और एंटीलिया केस में गिरफ्तार सचिन वाजे का मुद्दा सोमवार (22 मार्च) को संसद के दोनों सदनों में भी उठा और इसपर जोरदार हंगामा हुआ। इस बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अनिल देशमुख पर लगे गंभीर आरोपों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। मीडिया से बात करते हुए शरद पवार ने अनिल देशमुख को बेगुनाह बताया और कहा कि इस्तीफे का तो कोई सवाल ही नहीं बनता है। शरद पवार ने कहा, यह पूरा मुद्दा असली गंभीर मुद्दे से हटाने के लिए सोची समझी एक साजिश है। अनिल देशमुख के बचाव में शरद पवार ने कहा, फरवरी 2021 के महीने में देशमुख अस्पाल में भर्ती थे। ऐसे में फरवरी महीने में अनिल देशमुख और सचिन वाजे के बीच बातचीत नहीं हुई होगी, ये आरोप बिल्कुल गलत है।

शरद पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या-क्या कहा?

– शरद पवार ने कहा, पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के पत्र में जो उन्होंने जिक्र किया है कि फरवरी 2021 के महीने में मुंबई पुलिस के कुछ अधिकारियों से गृह मंत्री को निर्देश दिए गए थे। तो मैं आपको बता दूं कि 6 से 16 फरवरी के बीच अनिल देशमुख कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से अस्पताल में एडमिट थे। उसके बाद 16 से 27 फरवरी तक वह होम आइसोलेट थे। ऐसे में वो किसी अधिकारी से बातचीत और निर्देश की बात गलत है।

– शरद पवार ने कहा, ”जिस मंत्री (अनिल देशमुख) के बारे आरोप था। उनकी उस वक्त की स्थिति साफ हो गई है कि वो अस्पताल में थे तो ऐसी परिस्थिति में उनके (अनिल देशमुख) इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता है।” शरद पवार ने अनिल देशमुख के अस्पताल में एडमिट होने का पर्चा भी मीडिया को दिखाया।

– शरद पवार ने कहा, पत्र से एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में जांच को भटकाने की कोशिश की गई है। मैंने 21 मार्च को महाराष्ट्र के सीएम ठाकरे से बात की है। अगर वो चाहे तो जांच का फैसला ले सकते हैं।

– शरद पवार ने कहा, महाराष्ट्र की महाविकास अघाडी सरकार पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। मेरा राज्य की एटीएस पर भरोसा पक्का है। वह इस मामले का सच सामने लाकर रहेगी। ऐसे माहौल में मेरा ज्यादा कुछ कहना उचित नहीं है। मामले की जांच की जा रही है।

जानिए परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर क्या-क्या आरोप लगाए हैं?

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को मेल किया था। जिसमें एक पत्र था। परमबीर सिंह ने अपने पत्र में दावा किया है कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने एंटीलिया केस में गिरफ्तार मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी सचिन वाजे को हर महीने 100 करोड़ की वसूली का टारगेट दिया था। परमबीर सिंह ने पत्र में भ्रष्टाचार को लेकर अनिल देशमुख पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हाल में परमबीर सिंह को मुंबई के पुलिस कमिश्नर के पद से हटाकर होमगार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था।