द फ्रंट डेस्क : केंद्र की मोदी कैबिनेट में संभावित फेरबदल के बीच बिहार NDA में भी सत्ता संतुलन को लेकर हलचल तेज होती दिखाई दे रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, बीजेपी और JDU के बीच बिहार विधान परिषद के सभापति पद को लेकर नए समीकरण बन सकते हैं। चर्चा है कि यह पद JDU को दिया जा सकता है, जिससे राज्य में NDA के दोनों प्रमुख सहयोगी दलों के बीच महत्वपूर्ण पदों के बंटवारे का संतुलन बनाया जा सके। हालांकि, बिहार विधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर फिलहाल अवधेश नारायण सिंह ही सभापति के रूप में दर्ज हैं और पद में बदलाव को लेकर अभी कोई अंतिम आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
JDU को मिल सकती है विधान परिषद सभापति की कुर्सी
बिहार NDA में सत्ता के प्रमुख पदों के बंटवारे को लेकर लंबे समय से अलग-अलग स्तरों पर चर्चा होती रही है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, बीजेपी के पास मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष का पद होने के बाद विधान परिषद सभापति की कुर्सी JDU को दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। हिंदुस्तान टाइम्स ने भी रिपोर्ट किया है कि NDA में दोनों प्रमुख सहयोगी दलों के बीच एक सदन के प्रमुख पद को लेकर पुरानी व्यवस्था रही है। मौजूदा समय में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार बीजेपी से हैं। ऐसे में विधान परिषद सभापति का पद JDU को दिए जाने की चर्चा को गठबंधन के भीतर सत्ता संतुलन और प्रमुख संवैधानिक पदों के बंटवारे से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, जब तक इस संबंध में आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आता, तब तक इसे संभावित बदलाव और राजनीतिक चर्चा के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
अवधेश नारायण सिंह की जगह कौन संभालेगा पद?
विधान परिषद के मौजूदा सभापति अवधेश नारायण सिंह बीजेपी से हैं। हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उन्हें पद छोड़ने के लिए कहा गया है और JDU के किसी नेता को यह जिम्मेदारी दिए जाने की तैयारी चल रही है। जागरण की रिपोर्ट में JDU के रामवचन राय का नाम कार्यकारी सभापति के तौर पर सामने आया है। हालांकि, इस मुद्दे पर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग जानकारी सामने आई है और अभी तक किसी एक नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि अंतिम रूप से किस नेता को सभापति की जिम्मेदारी दी जाएगी। बिहार विधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर अभी भी अवधेश नारायण सिंह का नाम ही सभापति के तौर पर दर्ज है, जिससे साफ है कि आधिकारिक स्तर पर बदलाव की पुष्टि अभी बाकी है।
BJP-JDU के बीच सत्ता संतुलन का सवाल
विधान परिषद सभापति का पद JDU को देने की चर्चा को NDA के भीतर सत्ता संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, JDU की ओर से इस पद को लेकर दावेदारी सामने आई थी और पार्टी के भीतर इसे लेकर चर्चा चल रही थी। हिंदुस्तान टाइम्स ने भी बताया था कि JDU के भीतर सभापति पद के लिए संभावित नामों पर विचार किया जा रहा था। हालांकि, दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर किसी बड़े टकराव या मतभेद की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मौजूदा घटनाक्रम को फिलहाल गठबंधन के भीतर प्रमुख पदों के बंटवारे, आपसी समायोजन और सत्ता संतुलन को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चा के रूप में देखा जा रहा है। अंतिम तस्वीर आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।
नीतीश कुमार के बाद बदला बिहार का सत्ता समीकरण
बिहार की राजनीति में यह संभावित बदलाव उन घटनाओं के बाद बने नए राजनीतिक समीकरणों से भी जुड़ा है, जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने। इसके बाद राज्य सरकार में बीजेपी की भूमिका और मजबूत हुई। वहीं विधानसभा अध्यक्ष का पद भी बीजेपी के पास है। ऐसे में यदि विधान परिषद सभापति का पद JDU को मिलता है, तो दोनों दलों के बीच महत्वपूर्ण संवैधानिक और सदन से जुड़े पदों का बंटवारा एक अलग रूप ले सकता है। मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष जैसे प्रमुख पद बीजेपी के पास होने की स्थिति में विधान परिषद सभापति का पद JDU को मिलना गठबंधन के भीतर पदों के वितरण में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जाएगा। यही वजह है कि इस पद को लेकर चल रही चर्चा को बिहार NDA के मौजूदा सत्ता समीकरण और दोनों सहयोगी दलों के बीच संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्या वाकई बदलने वाला है सत्ता का समीकरण?
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में JDU को विधान परिषद सभापति का पद दिए जाने की संभावना की चर्चा है, लेकिन अंतिम आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। बिहार विधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर अभी भी अवधेश नारायण सिंह को सभापति बताया गया है। इसलिए मौजूदा स्थिति को इस तरह समझा जा सकता है कि BJP और JDU के बीच विधान परिषद सभापति पद को लेकर राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर चर्चा चल रही है, लेकिन बदलाव अभी आधिकारिक रूप से तय नहीं माना जा सकता। यदि भविष्य में यह पद JDU को मिलता है, तो मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष बीजेपी के पास तथा विधान परिषद सभापति JDU के पास होगा। इससे बिहार NDA में दोनों प्रमुख सहयोगी दलों के बीच महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों के बंटवारे का नया स्वरूप सामने आएगा और राज्य के मौजूदा सत्ता समीकरण में बदलाव दिखाई दे सकता है।




