Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में तनाव का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। एक तरफ यूक्रेन ने रूस पर रातभर 1,000 से ज्यादा ड्रोन दागे, जिनमें सैकड़ों मॉस्को की ओर भेजे गए। मॉस्को के मेयर ने इसे राजधानी पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला बताया। दूसरी तरफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है कि अगर यूरोपीय देश यूक्रेन में सैनिक भेजते हैं तो मॉस्को इसे रूस के साथ युद्ध मानेगा। इसी बीच फ्रांस, पोलैंड, जर्मनी और अन्य यूरोपीय देश ड्रोन, साइबर हमलों, तोड़फोड़ और दूसरे संभावित हाइब्रिड खतरों से निपटने के लिए अपनी तैयारियां बढ़ा रहे हैं।
पुतिन ने यूरोप को क्या चेतावनी दी?
12 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन ने यूरोपीय देशों को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा कि अगर यूरोपीय देश यूक्रेन में सैनिक भेजते हैं तो इसे “रूस के साथ युद्ध” माना जाएगा। यह बयान उन चर्चाओं के बीच आया, जिनमें यूक्रेन के लिए संभावित सुरक्षा गारंटी और भविष्य में यूरोपीय सैनिकों की भूमिका पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, पुतिन ने इसी दौरान यह भी कहा कि रूस यूरोपीय देशों के लिए खतरा नहीं है और मॉस्को का यूरोप को धमकी देने का इरादा नहीं है। इसलिए उनके बयान का मुख्य संदर्भ यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों की संभावित तैनाती है, न कि यूरोप पर तत्काल रूसी हमले की घोषणा।
बीते घंटों में यूक्रेन ने रूस पर क्या किया?
पुतिन के बयान के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध में हवाई हमलों का स्तर भी काफी बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन ने रूस पर 1,000 से ज्यादा ड्रोन दागे। इनमें सैकड़ों ड्रोन मॉस्को की ओर भेजे गए। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने इस हमले को राजधानी पर अब तक का “सबसे बड़ा” ड्रोन हमला बताया। हमले में मॉस्को ऑयल रिफाइनरी और एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा। मॉस्को क्षेत्र में दो लोगों की मौत और 20 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि इस अभियान में यूक्रेन में निर्मित ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। उनके अनुसार, रूस के तेल और लॉजिस्टिक्स से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया, ताकि रूस की युद्ध क्षमता को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सके।
रूस ने कितने ड्रोन गिराने का दावा किया?
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी सेना ने रूस, कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों और काला सागर के ऊपर कुल 1,110 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट किए। मॉस्को के मेयर ने भी कहा कि राजधानी की ओर बढ़ रहे करीब 450 ड्रोन रास्ते में ही नष्ट कर दिए गए थे। इन आंकड़ों को रूसी अधिकारियों के दावे के रूप में ही देखना जरूरी है, क्योंकि स्वतंत्र रूप से सभी आंकड़ों की पुष्टि नहीं हुई है। यह हमला रूस के संसदीय चुनाव के अंतिम दिन हुआ। रूसी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि हमले का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालना था, जबकि मॉस्को प्रशासन ने दावा किया कि ऐसा नहीं हो पाया। चुनाव के दौरान रूस ने अपने कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों में भी मतदान कराया, जिसे यूक्रेन ने अवैध बताया है।
रूस ने भी यूक्रेन पर हमले जारी रखे
यूक्रेन के रूस पर बड़े ड्रोन हमले के साथ ही रूसी हमले भी जारी रहे। AP के अनुसार, खेरसॉन क्षेत्र में रूसी ड्रोन हमले में एक पादरी की मौत और चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। वहीं, कीव पर हुए एक अन्य रूसी हमले में एक मां और दो बच्चों की मौत हुई तथा एक अन्य घायल बच्चे की बाद में मौत हो गई। इस तरह दोनों देशों के बीच संघर्ष में लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइल हमले लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यूक्रेन रूस के भीतर तेल और लॉजिस्टिक्स से जुड़े ठिकानों को निशाना बना रहा है, जबकि रूस यूक्रेन के शहरों और महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है।
यूरोप में क्यों बढ़ाई जा रही हैं सुरक्षा तैयारियां?
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूरोपीय देशों में चिंता केवल पारंपरिक सैन्य हमले को लेकर नहीं है। ड्रोन, साइबर हमले, तोड़फोड़ और अन्य हाइब्रिड गतिविधियों को लेकर भी सुरक्षा तैयारियां बढ़ाई जा रही हैं। यूरोपीय देशों के अधिकारियों ने हाल में संभावित रूसी हाइब्रिड गतिविधियों को लेकर चेतावनी दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि रूस से जुड़ा हाइब्रिड खतरा बढ़ा है और उन्होंने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे तथा संवेदनशील रक्षा और तकनीकी ठिकानों को ड्रोन और साइबर हमलों से सुरक्षित रखने की योजना तैयार करने को कहा है। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने भी संभावित ड्रोन या मिसाइल घटनाओं को लेकर चिंता जताई है। वहीं जर्मनी में युद्ध या बड़े पैमाने पर हताहत होने की स्थिति में अस्पतालों की क्षमता को लेकर तैयारी की जा रही है। लिथुआनिया ने भी बड़े संकट की स्थिति के लिए नागरिक सुरक्षा और निकासी योजनाओं पर काम किया है।
NATO और यूरोप की तैयारी कितनी आगे बढ़ी?
यूरोपीय देशों की तैयारियों में एयर डिफेंस, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और नागरिक आपातकालीन व्यवस्था शामिल हैं। NATO ने भी सदस्य देशों से ऊर्जा, पानी, संचार, खाद्य आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी जरूरी व्यवस्थाओं को संकट या संघर्ष की स्थिति में चालू रखने की क्षमता मजबूत करने को कहा है। हालांकि, NATO ने यह नहीं कहा है कि किसी सदस्य देश पर रूस का तत्काल सैन्य हमला होने वाला है। मौजूदा तैयारियों को मुख्य रूप से बढ़ती सुरक्षा चिंताओं, ड्रोन घटनाओं और संभावित हाइब्रिड खतरों के जवाब में उठाए जा रहे कदमों के रूप में देखा जा रहा है।
क्या रूस-यूक्रेन युद्ध अब यूरोप तक पहुंच रहा है?
मौजूदा घटनाक्रम में तीन समानांतर तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। पहली, यूक्रेन ने रूस के भीतर तक बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले करने की अपनी क्षमता का इस्तेमाल किया है। दूसरी, रूस ने भी यूक्रेन में हमले जारी रखे हैं। तीसरी, यूरोपीय देश रूस से जुड़े संभावित ड्रोन, साइबर और हाइब्रिड खतरों के मद्देनजर अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर रहे हैं। पुतिन की यूरोपीय सैनिकों को लेकर चेतावनी ने इस पूरे घटनाक्रम को और संवेदनशील बना दिया है। लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यूरोप में तत्काल व्यापक युद्ध शुरू होने की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल मुख्य घटनाक्रम यूक्रेन में जारी युद्ध, रूस के अंदर हो रहे लंबी दूरी के हमलों और यूरोपीय देशों की बढ़ती सुरक्षा तैयारियों से जुड़ा है।




