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राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर BJP का हमला, MP CM से धर्मेंद्र प्रधान तक किसने क्या कहा?

राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर BJP का हमला, MP CM से धर्मेंद्र प्रधान तक किसने क्या कहा?

द फ्रंट डेस्क: कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं और छात्रों से संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री भी की गई। इसके अलावा राहुल गांधी ने शिक्षा और छात्रों से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम के बाद बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके कार्यक्रम को लेकर कई सवाल उठाए। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे ‘झूठ की गूंज’ करार दिया, जबकि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर छात्रों की समस्याओं को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी की दिवंगत मां को लेकर कार्यक्रम में की गई कथित टिप्पणी पर भी राहुल गांधी को घेरा।

कांग्रेस जनता के बीच भ्रम फैला रही- सीएम मोहन यादव

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने इसे ‘झूठ की गूंज’ बताते हुए कहा कि राहुल गांधी अपने विषय की पूरी तैयारी के बिना छात्रों और युवाओं से संवाद करते नजर आए। सीएम यादव के मुताबिक, कार्यक्रम के जरिए जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश की गई। मोहन यादव ने कहा कि जब मुद्दा बच्चों और स्कूल शिक्षा का हो तो तथ्यों को सामने रखना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल और मौजूदा बीजेपी सरकार के शिक्षा बजट की तुलना करते हुए कहा कि आज मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा का बजट 38,658 करोड़ रुपये है, जबकि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में यह करीब 2,000 करोड़ रुपये के आसपास था।

सीएम मोहन यादव ने अपनी सरकार की शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों समेत सरकार की विभिन्न पहलों के जरिए स्कूलों में ड्रॉपआउट दर को कम करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि मौजूदा सरकार बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उन्हें कई तरह की सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही है। मोहन यादव ने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि उसके शासनकाल में क्या बच्चों को गणवेश दिए जाते थे? क्या छात्रों को स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल दी जाती थी? उन्होंने कहा कि आज सरकार की ओर से मेधावी छात्रों को लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।

धर्मेंद्र प्रधान बोले- सच्चाई लफ्फाजी से ज्यादा जरूरी

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी राहुल गांधी के कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के नेता एक माइक और ‘सिस्टम बनाम छात्र’ की कहानी के साथ इंदौर पहुंचे। प्रधान के मुताबिक, कार्यक्रम में छात्रों की समस्याओं को मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ एक राजनीतिक मुद्दे के तौर पर पेश किया गया। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि छात्रों को राजनीतिक नाटक नहीं, बल्कि सवालों के जवाब और वास्तविक समाधान चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार की शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं को गंभीरता से लेने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे काम और बढ़ते अवसरों को भी देखा जाना चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान ने उच्च शिक्षा से जुड़े आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, देश में उच्च शिक्षा का ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) 2014-15 में 23.7 प्रतिशत था, जो 2023-24 में बढ़कर 30 प्रतिशत हो गया। उन्होंने कहा कि पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना के जरिए पात्र छात्रों को बिना गारंटी शिक्षा ऋण और ब्याज सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने पीएम-उषा योजना का भी जिक्र किया और कहा कि इसके जरिए राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में बुनियादी ढांचे और शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। प्रधान के मुताबिक, पिछले एक दशक में भारत की कई संस्थाओं की वैश्विक रैंकिंग में भी सुधार हुआ है।

परीक्षा में गड़बड़ी पर कानून का भी किया जिक्र

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों को लेकर बनाए गए कानून का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2024 में परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल के खिलाफ कानून बनाया और अब इसे कड़े दंड और फास्ट-ट्रैक अदालतों के प्रावधानों के साथ मजबूत किया गया है। प्रधान ने कहा कि छात्रों की ओर से उठाई जाने वाली समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में अवसरों, बुनियादी ढांचे और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

‘मां राजनीति का विषय नहीं’, राहुल गांधी पर बरसे धामी

इंदौर के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। धामी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री की मां के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जाना और उस पर राहुल गांधी का हंसना बेहद दुखद और शर्मनाक है। धामी ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी की मां का अपमान स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी पर राजनीतिक विरोध में मर्यादा की सीमा पार करने का आरोप लगाया और कहा कि मां को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

DUSU नतीजों का भी BJP ने लिया सहारा

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने भी राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर हमला बोला। उन्होंने डीयू छात्रसंघ चुनाव यानी DUSU के नतीजों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी की आलोचना की। सिन्हा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी छात्रों के बीच निराशा और नकारात्मकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि DUSU चुनाव में ABVP की जीत को छात्रों के रुख से जोड़कर देखा जाना चाहिए। हालांकि यह बीजेपी प्रवक्ता का राजनीतिक बयान है। DUSU चुनाव के नतीजों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी व्याख्या है। ऐसे में राहुल गांधी के कार्यक्रम पर बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया को उनके राजनीतिक दृष्टिकोण के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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