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कृषि से इकोनॉमी तक… विधानसभा में CM योगी ने गिनाईं उपलब्धियां, आंकड़े क्या कहते हैं?

कृषि से इकोनॉमी तक… विधानसभा में CM योगी ने गिनाईं उपलब्धियां, आंकड़े क्या कहते हैं?

उत्तर प्रदेश विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने प्रदेश की आर्थिक प्रगति, राजस्व अनुशासन और कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने “डबल इंजन सरकार” के मॉडल पर तेज विकास दर्ज किया है, जिसमें आर्थिक विस्तार और किसानों की आय वृद्धि दोनों को प्राथमिकता दी गई।


2017 के बाद तेज आर्थिक उछाल

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 में उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी लगभग 13 लाख करोड़ रुपये थी। 1947 से 2017 तक 70 वर्षों में यह स्तर हासिल हुआ था। लेकिन 2017 के बाद महज साढ़े आठ वर्षों में इसमें 23 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि हुई और अब प्रदेश की अर्थव्यवस्था 36 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि आजादी के समय देश की अर्थव्यवस्था में यूपी की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत थी, जो 2016-17 तक घटकर करीब 8 प्रतिशत रह गई थी। अब यह बढ़कर 9.5 प्रतिशत तक पहुंच गई है। सीएम योगी ने दावा किया कि प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई है और यह सब बिना अतिरिक्त कर लगाए संभव हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार ने टैक्स चोरी और रेवेन्यू लीकेज पर सख्ती से अंकुश लगाया, जिससे राजस्व संग्रह में पारदर्शिता आई।


रेवेन्यू सरप्लस और वित्तीय अनुशासन

मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश पिछले पांच वर्षों से लगातार रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने बैंकिंग प्रणाली का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले प्रदेश में 100 रुपये जमा होने पर मात्र 43 रुपये ही जनता के उपयोग में आते थे। अब यह अनुपात बढ़कर 61-62 रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि सीडी रेशियो 43 प्रतिशत से बढ़कर 62 प्रतिशत तक पहुंचा है, जिससे युवाओं और व्यापारियों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिली है।


खाद्यान्न उत्पादन में अग्रणी यूपी

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है और सबसे ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन भी करता है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में किसानों को केवल वोट बैंक की तरह देखा गया। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि भारत कभी वैश्विक अर्थव्यवस्था का सिरमौर था, लेकिन औपनिवेशिक काल में शोषण और पारंपरिक उद्यमों के विनाश से स्थिति बदली। उनका कहना था कि पिछली सरकारों में भी किसानों और कारीगरों के साथ औपनिवेशिक मानसिकता जैसा व्यवहार हुआ।


कृषि क्षेत्र में ‘डबल इंजन’ मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले कृषि क्षेत्र में स्पष्ट नीति का अभाव था। लागत अधिक और उत्पादन कम था, जबकि बिचौलियों का वर्चस्व था। 2017 के बाद सरकार ने लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 8.5 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत के करीब पहुंची है। देश के कुल कृषि भूभाग का 11 प्रतिशत हिस्सा यूपी के पास है, लेकिन खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत योगदान देता है। एमएसपी पर पारदर्शी खरीद और डीबीटी के जरिए भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा रहा है।


तकनीक और नवाचार पर जोर

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के किसानों को 95 हजार करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। किसानों को उन्नत बीज, प्राकृतिक खेती, ड्रोन तकनीक और जलवायु संबंधी जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जा रही है। ड्रोन दीदी योजना, एफपीओ, एग्री स्टार्टअप और फूड प्रोसेसिंग के जरिए फसलों का मूल्यवर्धन किया जा रहा है। “यूपी एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड एंटरप्राइज इकोसिस्टम” परियोजना के तहत उत्पादकता और गुणवत्ता सुधार पर ध्यान दिया जा रहा है।


गन्ना और एथेनॉल सेक्टर में रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश देश के कुल गन्ना उत्पादन का 55 प्रतिशत योगदान देता है। 2000 से 2017 के बीच गन्ना किसानों को 2.14 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ, जबकि पिछले साढ़े आठ वर्षों में 3.06 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हैं। गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति कुंतल तक किया गया है। एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर तक पहुंच गया है। एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम के तहत शुगर-एथेनॉल सेक्टर को एश्योर्ड कैश फ्लो सेक्टर बनाया गया है।


कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर और सिंचाई परियोजनाएं

प्रदेश में 89 कृषि विज्ञान केंद्र कार्यरत हैं और कई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए गए हैं। एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक पार्क और ग्रामीण सड़क नेटवर्क के विस्तार से किसानों की उपज को बाजार तक पहुंचाना आसान हुआ है। हर खेत को पानी पहुंचाने के लिए 31 बड़ी सिंचाई परियोजनाएं पूरी की गई हैं। पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप और मुफ्त बिजली की सुविधा दी जा रही है। कुशीनगर में कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना और लखनऊ में चौधरी चरण सिंह के नाम पर सीड पार्क विकसित किया जा रहा है।


एआई और डिजिटल इकोसिस्टम

सीएम योगी ने कहा कि सरकार एआई आधारित कृषि प्रणाली पर काम कर रही है। बजट में एआई कृषि प्लेटफॉर्म की घोषणा की गई है, जिससे किसानों को उनकी भाषा में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।केसीसी के जरिए ऋण स्वीकृति का समय तीन-चार सप्ताह से घटकर पांच मिनट हो गया है। एफपीओ के जरिए खासतौर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि “डबल इंजन की डबल स्पीड” के मॉडल पर उत्तर प्रदेश आर्थिक और कृषि दोनों क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उनका दावा है कि वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार के कारण प्रदेश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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