Republic Day 2026 : कर्तव्य पथ पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गूंज, पहली बार कॉम्बैट परेड, जानें और क्या-क्या होगा खास

77वें गणतंत्र दिवस से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस का यह पावन पर्व हमें देश के अतीत, वर्तमान और भविष्य की दशा-दिशा पर विचार करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय संकल्प को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है।

इस बार Republic Day 2026 का समारोह कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद मनाए जा रहे इस पहले गणतंत्र दिवस पर पारंपरिक सेरेमोनियल परेड की जगह कॉम्बैट परेड आयोजित की जाएगी। 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर थलसेना, वायुसेना और नौसेना के मार्चिंग दस्ते पारंपरिक गियर के बजाय युद्धक भूमिका में नजर आएंगे।

पहली बार कॉम्बैट परेड

इस वर्ष परेड में भारतीय सेना की जंग के मैदान की व्यूह-रचना यानी बैटल एरे को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके तहत भैरव बटालियन, विभिन्न स्काउट्स के जवान, टैंक, तोप, रॉकेट और मिसाइल कर्तव्य पथ पर उसी तरह तैनात किए जाएंगे, जैसे वे वास्तविक युद्ध के दौरान होते हैं। सेना की कैवलरी यानी घुड़सवार टुकड़ी भी पहली बार कॉम्बैट वेशभूषा में परेड का हिस्सा बनेगी। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर में शामिल सैन्य दस्ते, ड्रोन वॉरफेयर सिस्टम और एयर डिफेंस मिसाइल भी इस विशेष परेड में शामिल होंगे।

ध्वजारोहण और फ्लाइट लेफ्टिनेंट की विशेष मौजूदगी

गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस बार ध्वजारोहण समारोह में राष्ट्रपति के साथ फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ भी मौजूद रहेंगी, जो इस समारोह को और अधिक गौरवपूर्ण बनाएगा।

वायुसेना का भव्य फ्लाई-पास्ट

कर्तव्य पथ के ऊपर भारतीय वायुसेना का फ्लाई-पास्ट ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की विजय का प्रतीक बनेगा। इसमें लड़ाकू विमानों की एक नई “सिंदूर फॉर्मेशन” दिखाई देगी, जिसमें रफाल, सुखोई, मिग-29 और जगुआर शामिल होंगे। कुल 29 एयरक्राफ्ट फ्लाई-पास्ट में भाग लेंगे, जिनमें 16 फाइटर जेट, 9 हेलीकॉप्टर और 4 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट होंगे।

फ्लाई-पास्ट की शुरुआत ध्वज फॉर्मेशन से होगी, जिसमें चार मी-17 हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे। सबसे आगे वाला हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) लेकर चलेगा, जबकि अन्य तीन हेलीकॉप्टर थलसेना, वायुसेना और नौसेना के ध्वज के साथ नजर आएंगे। इसके बाद प्रहार फॉर्मेशन दिखाई देगा, जिसमें तीन एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) शामिल होंगे और इनमें से एक हेलीकॉप्टर ऑपरेशन सिंदूर का झंडा लेकर उड़ान भरेगा।

ऑपरेशन सिंदूर की झलक

ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला गणतंत्र दिवस है, इसलिए इसकी व्यूह-रचना भी फ्लाई-पास्ट का अहम हिस्सा होगी। एक विशेष स्पीयरहेड फॉर्मेशन में 2-2 रफाल, 2-2 सुखोई, 2-2 मिग-29 और एक जगुआर फाइटर जेट शामिल होंगे। ये वही विमान हैं जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाई थी।

पहलगाम नरसंहार के बाद 7 से 10 मई के बीच हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों और पाकिस्तानी वायुसेना के सैन्य अड्डों को निशाना बनाकर तबाह किया था। इसी विजय और सैन्य पराक्रम का संदेश इस बार के फ्लाई-पास्ट में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

दो चरणों में होगा फ्लाई-पास्ट

इस बार फ्लाई-पास्ट दो चरणों में आयोजित होगा। पहला चरण वायुसेना के मार्चिंग दस्ते के समय होगा, जिसमें सिंदूर फॉर्मेशन प्रदर्शित की जाएगी। दूसरा चरण मार्च-पास्ट के समापन के बाद होगा, जिसमें रफाल लड़ाकू विमान मुख्य आकर्षण बनेगा।

वायुसेना के मार्चिंग दस्ते में कुल 114 वायु योद्धा शामिल होंगे, जिनका नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर जगदेश कुमार करेंगे। साथ ही वायुसेना के मिलिट्री बैंड में पहली बार अग्निवीर भी शामिल किए गए हैं, जिनमें पुरुषों के साथ-साथ महिला अग्निवीर भी भाग लेंगी।

कुल मिलाकर, Republic Day 2026 केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि भारत की सैन्य शक्ति, रणनीतिक क्षमता और राष्ट्रीय आत्मविश्वास का भव्य प्रदर्शन होगा।

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