Online bahis kullanıcılarının %54’ü haftada en az bir kez canlı bahis oynamaktadır; bu oran bahsegel giriş platformunda %63’tür.

Engellemelerden etkilenmemek için bettilt sık sık kontrol ediliyor.

Bahsegel güncel giriş bahsegel bettilt

OECD raporları, kullanıcıların %52’sinin “kayıp limiti” belirleyen platformları tercih ettiğini göstermektedir; paribahis bu özelliği destekler.

bahsegel giriş bettilt bahsegel bahsegel giriş bahsegel bahsegel giriş bahsegel bettiltguncel.com bettilturk-turk.click bettilt bettilt bahsegel bahsegel bettilt bahsegel giriş

इंडिया–पाकिस्तान ट्रेड काउंसिल ने गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएं दीं, आपसी संवाद बहाल करने की अपील

इंडिया–पाकिस्तान ट्रेड काउंसिल ने गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएं दीं, आपसी संवाद बहाल करने की अपील

भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंडिया–पाकिस्तान ट्रेड काउंसिल (PIBC) ने दोनों देशों को शुभकामनाएं देते हुए लंबित मुद्दों के समाधान के लिए आपसी संवाद तत्काल शुरू करने की अपील की है। काउंसिल का कहना है कि शांति, स्थिरता और आर्थिक सहयोग ही दक्षिण एशिया में टिकाऊ विकास और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।

PIBC के अध्यक्ष नूर मोहम्मद कसूरी ने अपने संदेश में भारत की बुनियादी ढांचे, तकनीक और औद्योगिक विकास में हुई उल्लेखनीय प्रगति की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सुधारों की निरंतरता, निवेश के अनुकूल माहौल और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को देखते हुए भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। कसूरी ने यह भी रेखांकित किया कि आर्थिक साझेदारी और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व से न केवल व्यापार बढ़ेगा, बल्कि क्षेत्रीय विश्वास बहाली को भी बल मिलेगा।

संवाद और आर्थिक साझेदारी पर ज़ोर

काउंसिल ने कहा कि भारत–पाकिस्तान के बीच संवाद बहाल होने से व्यापार, निवेश, आपूर्ति-श्रृंखलाओं और लोगों-से-लोगों के संपर्क को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोज़गार सृजन, महंगाई पर नियंत्रण और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे साझा लाभ संभव होंगे। PIBC ने दोनों सरकारों से आग्रह किया कि वे राजनीतिक मतभेदों से इतर आर्थिक सहयोग के व्यावहारिक रास्ते खोलें और विश्वास निर्माण के कदम उठाएं।

शांति और क्षेत्रीय स्थिरता का संदेश

PIBC का मानना है कि शांतिपूर्ण सहअस्तित्व और आर्थिक सहयोग ही दक्षिण एशिया में दीर्घकालिक स्थिरता का सबसे प्रभावी माध्यम है। काउंसिल ने कहा कि संवाद में देरी से अनिश्चितता बढ़ती है, जबकि निरंतर बातचीत से समाधान के अवसर पैदा होते हैं।

वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए बढ़ते वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारत की शांति-स्थापना में भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने भारत को शांति का “संदेशवाहक” बताते हुए देश की प्राचीन सभ्यतागत परंपरा और सार्वभौमिक सद्भाव के मूल्यों पर जोर दिया। राष्ट्रपति ने मजबूत होती अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तीकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की विकास-यात्रा समावेशी और स्थिरता-उन्मुख है।

गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर PIBC की यह अपील—संवाद बहाली, आर्थिक साझेदारी और शांति—दक्षिण एशिया के लिए एक सकारात्मक संकेत देती है। भारत की आर्थिक प्रगति की अंतरराष्ट्रीय सराहना और क्षेत्रीय सहयोग पर जोर यह दर्शाता है कि साझा हितों के आधार पर आगे बढ़कर ही स्थायी समाधान और समृद्धि हासिल की जा सकती है।

Share post:

Popular

More like this
Related

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश बनेगा ‘ग्लोबल मैनपावर हब’

सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास...

प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर सवाल: एक बेटे की मौत, दूसरा कहां है?

Premanand Maharaj Ashram Controversy: वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के...

ममता बनर्जी ने भी किया CJP का समर्थन, अभिजीत दिपके के साथ कौन-कौन से दल?

CJP Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे...