वक्फ संशोधन बिल 2025 पास: शाहीन बाग से संभल तक कड़ी सुरक्षा, जुमे की नमाज पर दिखा खास बंदोबस्त

वक्फ संशोधन बिल 2025 पास: शाहीन बाग से संभल तक कड़ी सुरक्षा, जुमे की नमाज पर दिखा खास बंदोबस्त

नई दिल्ली: संसद ने वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता बढ़ाने और महिलाओं सहित पसमांदा मुस्लिमों के हितों को सुरक्षित रखने वाले वक्फ (संशोधन) बिल 2025 को मंजूरी दे दी है। राज्यसभा में 13 घंटे लंबी चर्चा के बाद यह बिल 128 बनाम 95 वोटों से पारित हुआ। इससे पहले लोकसभा ने बुधवार देर रात इस विधेयक को मंजूरी दी थी। इस बिल को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस हुई, वहीं ज़मीनी स्तर पर इसकी प्रतिक्रिया को देखते हुए दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जुमे की नमाज के मद्देनज़र भी पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात
वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होते ही दिल्ली के जामिया नगर, शाहीन बाग और जामिया मिल्लिया इस्लामिया जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने अर्धसैनिक बलों के सहयोग से नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाई है और अतिरिक्त बलों की तैनाती की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या भीड़ एकत्र होने से रोकने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं।

संभल और मुजफ्फरनगर में फ्लैग मार्च, ड्रोन से निगरानी
उत्तर प्रदेश के संभल और मुजफ्फरनगर जैसे संवेदनशील जिलों में भी पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। संभल में एएसपी श्रीश चंद्र और CO अनुज चौधरी के नेतृत्व में फ्लैग मार्च किया गया। नखासा थाना क्षेत्र में भी यही स्थिति रही। CO अनुज चौधरी ने बताया, “स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और जुमे की नमाज सामान्य तरीके से अदा की जाएगी।”

मुजफ्फरनगर में भी बुधवार से ही प्रमुख इलाकों में फ्लैग मार्च किया जा रहा है। खालापार इलाके में स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल हो रहा है। डीएम उमेश मिश्रा और एसएसपी अभिषेक सिंह खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर अफवाहों की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी टीम तैनात है।

क्या है वक्फ संशोधन बिल 2025 का मकसद
वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय और उनके प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया गया है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि 2006 में देश में 4.9 लाख वक्फ संपत्तियाँ थीं, जिनसे 163 करोड़ की आय हुई, जबकि 2013 में संशोधन के बाद भी आय केवल तीन करोड़ रुपये बढ़ी। अब देश में कुल 8.72 लाख वक्फ संपत्तियाँ हैं।

नए संशोधन के तहत केंद्रीय वक्फ बोर्ड में कुल 22 सदस्य होंगे, जिनमें अधिकतम चार गैर-मुस्लिम हो सकते हैं। बोर्ड में तीन सांसद, दस मुस्लिम समुदाय के सदस्य, दो पूर्व न्यायाधीश, एक ख्याति प्राप्त वकील, चार विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां और भारत सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

महिलाओं और अनाथ बच्चों के लिए विशेष प्रावधान
नए बिल में यह अनिवार्य किया गया है कि मुस्लिम समुदाय के दस सदस्यों में दो महिलाएं शामिल होंगी। इसके अलावा, यह प्रावधान भी जोड़ा गया है कि वक्फ घोषित करने से पहले महिलाओं को उनकी विरासत दी जाए। विधवा, तलाकशुदा महिलाओं और अनाथ बच्चों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। वक्फ घोषित संपत्ति की जांच अब जिलाधिकारी से ऊपर रैंक के अधिकारी द्वारा की जाएगी।

वक्फ संशोधन बिल 2025 को लेकर देशभर में चर्चा और चिंता दोनों देखने को मिल रही हैं। सरकार जहां इसे पारदर्शिता और न्यायोचित व्यवस्था की दिशा में कदम बता रही है, वहीं सुरक्षा एजेंसियां कानून व्यवस्था बनाए रखने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस कानून का प्रभाव ज़मीनी स्तर पर किस रूप में सामने आता है।

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