देशभर में ईद-उल-फितर का पर्व धूमधाम से मनाया गया, लेकिन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस त्योहार के दौरान विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला। वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर लोगों ने काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज अदा की। इस विरोध में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल हुए।
भोपाल में काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
भोपाल की मस्जिदों और ईदगाहों में ईद की नमाज अदा करने पहुंचे लोगों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक का विरोध किया। रमजान के आखिरी जुमे की नमाज में भी इसी तरह का विरोध देखने को मिला था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह विधेयक पारित होने से वक्फ संपत्तियों पर खतरा मंडराने लगेगा।
बच्चों ने भी उठाई विरोध की आवाज
इस विरोध प्रदर्शन में बच्चों की भागीदारी भी देखने को मिली। कई बच्चों के हाथों में ‘प्रोटेक्ट वक्फ प्रॉपर्टी’ और ‘प्रोटेक्ट फिलिस्तीन’ जैसे संदेश लिखे बैनर थे। मस्जिदों और मदरसों की सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह विधेयक पास होने से वक्फ की संपत्तियों का सरकारीकरण हो सकता है।
इससे पहले रमजान की आखिरी जुमे की नमाज के दौरान भी भोपाल में इसी तरह का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था। बड़ी संख्या में नमाजी हाथों में काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करने पहुंचे थे। इस प्रदर्शन में धार्मिक संगठनों के अलावा आम लोग भी शामिल हुए।
क्या है वक्फ संशोधन विधेयक?
वक्फ संशोधन विधेयक में कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित हैं। इस विधेयक के अनुसार, अब वक्फ संपत्तियों पर दावा करने वाला व्यक्ति ट्रिब्यूनल के अलावा राजस्व न्यायालय, सिविल कोर्ट और हाईकोर्ट में अपील कर सकेगा। इसके अलावा, वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसलों के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जा सकेगी। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि जब तक कोई संपत्ति वक्फ को दान नहीं की गई होगी, तब तक उसे वक्फ की संपत्ति नहीं माना जाएगा, चाहे वहां मस्जिद ही क्यों न बनी हो। इस विधेयक के तहत वक्फ बोर्ड में दो महिलाओं और अन्य धर्म के दो सदस्यों को भी शामिल करने का प्रस्ताव है, जिसका मुस्लिम संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी ईद की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद-उल-फितर के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ईद-उल-फितर की हार्दिक बधाई। यह त्योहार हमारे समाज में आशा, सद्भाव और दयालुता की भावना को बढ़ाए। यह त्योहार आपके लिए खुशहाली लाए और आपको आपके सभी प्रयासों में सफलता मिले। ईद मुबारक।”




