लंदन: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लंदन में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के केलॉग कॉलेज में अपने भाषण के दौरान वामपंथी छात्रों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन का धैर्यपूर्वक सामना किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को शांत रहने की सलाह देते हुए कहा कि वह लोकतंत्र में विश्वास रखती हैं और सभी के लिए समान हैं।
वामपंथी छात्रों का हंगामा
ममता बनर्जी के भाषण के दौरान वामपंथी छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की यूके इकाई के कुछ छात्रों ने तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने 2023 के पंचायत चुनावों के दौरान हुई हिंसा, नाबालिग के साथ दुष्कर्म और ममता बनर्जी के 2012 के बयान पर सवाल उठाए।
जब प्रदर्शनकारियों ने आरजी कर रेप केस को लेकर सवाल किया, तो ममता ने संयम बरतते हुए कहा, “कृपया आवाज उठाएं, यह लोकतंत्र है। मैं ध्यान से सुनूंगी।” उन्होंने प्रदर्शनकारियों को मिठाई खिलाने की भी बात कही।
‘राजनीति मत करो, बंगाल में आकर लड़ो’
विरोध कर रहे छात्रों से ममता ने अपील की कि वे राजनीति न करें और कॉलेज को राजनीतिक मंच बनाने से बचें। उन्होंने कहा, “अगर आप राजनीति करना चाहते हैं, तो बंगाल जाएं और अपनी पार्टी को मजबूत करें। सांप्रदायिक लोगों के खिलाफ लड़ें, मेरे खिलाफ नहीं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मामलों को लेकर प्रदर्शन हो रहा है, वे कोर्ट में विचाराधीन हैं और केंद्र सरकार की जांच के दायरे में हैं। ममता बनर्जी ने कहा, “केंद्र सरकार ने मामला अपने हाथ में ले लिया है, इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है।”
छात्र ने लगाया धमकी देने का आरोप
एक प्रदर्शनकारी छात्र ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक नेता ने उसकी उंगलियां तोड़ने की धमकी दी। इस पर ममता बनर्जी ने जवाब दिया कि यह झूठा आरोप है और ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
‘दीदी रॉयल बंगाल टाइगर की तरह चलती हैं’
ममता बनर्जी ने विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “दीदी किसी को परेशान नहीं करती हैं। दीदी रॉयल बंगाल टाइगर की तरह चलती हैं। अगर आप मुझे पकड़ सकते हैं, तो पकड़ लें।”
उन्होंने वामपंथियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी आदत रही है कि वे जहां जाते हैं, वहां अराजकता फैलाते हैं। उन्होंने कहा, “यह सब तुम्हारे नेताओं के साथ भी हो सकता है।”
ममता ने दिखाई हमले की तस्वीर
भाषण के दौरान ममता बनर्जी ने 1990 की एक तस्वीर भी दिखाई, जिसमें वह सीपीआई(एम) के युवा विंग के कार्यकर्ता लालू आलम द्वारा किए गए कथित हमले के बाद पट्टियों में लिपटी हुई नजर आ रही थीं। ममता ने कहा कि वामपंथियों का हिंसा का इतिहास रहा है और उन्होंने हमेशा लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास किया है।
ममता बनर्जी का यह बेबाक अंदाज एक बार फिर सुर्खियों में है। उनके इस बयान ने जहां उनके समर्थकों में जोश भर दिया है, वहीं विरोधी इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहे हैं।




