राणा सांगा वाले बयान पर कायम सपा सांसद रामजी लाल सुमन, बोले – माफी नहीं मांगूगा, समाजवादी पार्टी ने दी आंदोलन की चेतावनी

राणा सांगा वाले बयान पर कायम सपा सांसद रामजी लाल सुमन, बोले – माफी नहीं मांगूगा, समाजवादी पार्टी ने दी आंदोलन की चेतावनी

आगरा में समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के घर पर बुधवार को हमला किया गया। यह हमला उनके राणा सांगा पर दिए गए बयान के बाद हुआ, जिससे दक्षिणपंथी संगठनों में आक्रोश था। घटना के बाद सुमन ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा है और वे अपने बयान पर कायम रहेंगे। उन्होंने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात कर सुरक्षा की मांग भी की।

रामजी लाल सुमन ने क्या कहा?
सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा, “मैंने कोई गलत बात नहीं कही है। मेरा बयान ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है और मैं अपनी बात से पीछे नहीं हटूंगा। माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं उठता।”

सुमन ने यह भी आरोप लगाया कि उनके बयान को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा था।

रामगोपाल यादव ने घटना को बताया सुनियोजित
हमले के बाद सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव आगरा पहुंचे और रामजी लाल सुमन के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह हमला सुनियोजित था और इसे सरकार के संरक्षण में अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा, “हमलावरों के पास लाठी-डंडे और तलवारें थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोका नहीं। अगर रामजी लाल दलित न होते तो उन पर यह हमला नहीं होता।”

समाजवादी पार्टी ने दी आंदोलन की चेतावनी
रामगोपाल यादव ने कहा कि सपा ईद के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में बड़ा आंदोलन करेगी और सरकार को इस घटना पर कार्रवाई के लिए मजबूर करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दलित नेताओं के खिलाफ हमलों को बढ़ावा दे रही है और पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

कैसे हुआ हमला?
बुधवार को करणी सेना से जुड़े कार्यकर्ताओं ने हरिपर्वत चौराहे के पास स्थित रामजी लाल सुमन के घर पर हमला किया। उनके बेटे रणजीत सुमन ने बताया कि हमलावरों ने घर में घुसकर खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और कारों में तोड़फोड़ की। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से मेरे पिता के खिलाफ नफरत भरे पोस्ट किए जा रहे थे और हमले की धमकियां दी जा रही थीं।” रणजीत ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन को इस हमले की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया।

हमले पर राजनीति तेज
इस हमले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सपा और भाजपा में टकराव बढ़ता दिख रहा है। विपक्षी दलों ने भी सरकार पर हमलावरों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।

अब देखने वाली बात होगी कि सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और क्या समाजवादी पार्टी अपने आंदोलन को लेकर आगे बढ़ती है या नहीं।

Share post:

Popular

More like this
Related