भारत-चीन व्यापार में मजबूती, वैश्विक व्यापार में 9% विस्तार: UN रिपोर्ट

भारत-चीन व्यापार में मजबूती, वैश्विक व्यापार में 9% विस्तार: UN रिपोर्ट

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास संगठन (यूएनसीटीएडी) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत और चीन ने 2024 की चौथी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में औसत से बेहतर व्यापार विस्तार दर्ज किया। रिपोर्ट में कहा गया कि वैश्विक व्यापार ने 1,200 अरब डॉलर (9%) की वृद्धि के साथ 33,000 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया। हालांकि, आगामी तिमाहियों में वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका जताई गई है।

भारत-चीन व्यापार में मजबूती, विकसित देशों में सुस्ती
रिपोर्ट के अनुसार, चीन और भारत ने मजबूत व्यापार वृद्धि दर्ज की, जबकि कई विकसित देशों में व्यापार संकुचन देखा गया। अमेरिका ने व्यापार वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन जापान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और यूरोपीय संघ के आयात में गिरावट देखी गई।

भारत ने 2024 की चौथी तिमाही में माल व्यापार में आठ प्रतिशत की तिमाही आधार पर और छह प्रतिशत की वार्षिक आधार पर आयात वृद्धि दर्ज की। वहीं, निर्यात में तिमाही आधार पर सात प्रतिशत और वार्षिक आधार पर दो प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

सेवा व्यापार में भी सकारात्मक रुझान
सेवा व्यापार में भी भारत और दक्षिण अफ्रीका के लिए मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, वार्षिक आधार पर यह वृद्धि धीमी रही। रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने चौथी तिमाही में सेवाओं के आयात में सात प्रतिशत की तिमाही वृद्धि और 10 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की। वहीं, सेवा निर्यात में तीन प्रतिशत की तिमाही वृद्धि और 10 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि देखी गई।

वैश्विक व्यापार में मिश्रित रुझान
रिपोर्ट में कहा गया कि दक्षिण कोरिया में वार्षिक निर्यात वृद्धि सबसे अधिक रही, लेकिन तिमाही आधार पर इसमें गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका में चौथी तिमाही में आयात वृद्धि सकारात्मक रही, जबकि निर्यात वृद्धि में गिरावट देखी गई।

संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट दर्शाती है कि वैश्विक व्यापार में सुधार के संकेत हैं, लेकिन आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते भविष्य में मंदी का खतरा बना हुआ है।

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