संभल में होली और जुमे की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। संभल के सर्कल ऑफिसर (CO) अनुज चौधरी ने बताया कि होली का जुलूस मस्जिद के पीछे से निकला, जिसमें लगभग 3000 लोग शामिल थे। प्रशासन की सतर्कता के चलते पूरा जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कहीं से भी किसी प्रकार की हिंसा या विवाद की सूचना नहीं मिली।
तनाव के बीच शांतिपूर्वक मनी होली
संभल में बीते कुछ समय से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था, खासकर होली और जुमे की नमाज को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क थीं। हालांकि, प्रशासन की कड़ी निगरानी के चलते शहर में अमन-चैन बना रहा। CO अनुज चौधरी ने बताया, “होली का त्योहार सभी ने मिल-जुलकर प्यार और भाईचारे के साथ मनाया। जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्वक रहा और किसी भी प्रकार की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई।”
जुमे की नमाज को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। CO चौधरी ने कहा कि नमाज अदा करने के लिए लोग आराम से मस्जिद पहुंचे और वहां भी कोई विवाद नहीं हुआ। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) की भी तैनाती की गई थी।
मस्जिद के पीछे से निकला जुलूस
संभल में होली के जुलूस को लेकर खास सतर्कता बरती गई थी। CO अनुज चौधरी ने बताया कि यह जुलूस मस्जिद के पीछे के रास्ते से निकला और इसमें लगभग 3000 लोग शामिल हुए। प्रशासन ने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी थी, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार शहर में गश्त कर रहे थे, ताकि हर स्थिति पर नजर रखी जा सके।
नवंबर में हुई थी हिंसा
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में संभल में हिंसा भड़क गई थी, जब एक टीम मस्जिद का सर्वे करने के लिए पहुंची थी। स्थानीय लोगों का आरोप था कि सर्वे टीम बिना किसी पूर्व सूचना और अनुमति के आई थी, जिसके चलते तनाव पैदा हो गया। इस झड़प में करीब 5-6 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद से ही संभल का माहौल संवेदनशील बना हुआ था, और इसी कारण इस बार होली के दौरान प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर था।
हालांकि, कड़ी निगरानी और सुरक्षा के चलते इस बार होली और जुमे की नमाज बिना किसी विवाद के संपन्न हो गई, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।




