DRI ने सोना तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, तान्या राव के तार कहां तक? जांच एजेंसियों के रडार पर अधिकारी और तस्कर

DRI ने सोना तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, तान्या राव के तार कहां तक? जांच एजेंसियों के रडार पर अधिकारी और तस्कर

हाल ही में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने संयुक्त रूप से एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय सोना तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में सरकारी अधिकारियों और तस्करों के बीच गठजोड़ का खुलासा हुआ है, जिससे जांच एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ गई है।

डीआरआई की बड़ी कार्रवाई:

डीआरआई को विशेष खुफिया जानकारी मिली थी कि दुबई से बेंगलुरु आ रही एक महिला यात्री के पास बड़ी मात्रा में अवैध सोना है। 3 मार्च 2025 को केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर, अधिकारियों ने 31 वर्षीय कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव को रोका। तलाशी के दौरान, उसके शरीर में छिपाए गए 14.8 किलोग्राम विदेशी सोने के बिस्किट और छड़ें बरामद की गईं, जिनकी कीमत लगभग 12.56 करोड़ रुपये आंकी गई है।

पूछताछ के बाद, डीआरआई अधिकारियों ने बेंगलुरु के लावेल रोड स्थित रान्या के आवास पर छापा मारा, जहां से 2.06 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के गहने और 2.67 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। कुल मिलाकर, इस मामले में 17.29 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई है, जो हाल के वर्षों में बेंगलुरु हवाई अड्डे पर सबसे बड़ी सोने की बरामदगी में से एक है।

सीबीआई की सक्रियता:

डीआरआई के इनपुट के आधार पर, सीबीआई ने भी अंतर्राष्ट्रीय सोना तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सीबीआई की टीमें मुंबई और बेंगलुरु हवाई अड्डों पर पहुंचकर जांच में जुट गई हैं। सूत्रों के अनुसार, इस तस्करी नेटवर्क में कई सरकारी अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं, जिन पर सीबीआई की नजर है।

सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता:

चौंकाने वाली बात यह है कि इस तस्करी नेटवर्क में सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। आईपीएस अधिकारी रामचंद्र राव की सौतेली बेटी रान्या राव की गिरफ्तारी के बाद, जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क में अन्य सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। इससे पहले भी, डीआरआई ने मुंबई में एक सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया था, जिसमें 10.48 करोड़ रुपये मूल्य की बहुमूल्य धातु, नकदी और अन्य कीमती सामान जब्त किए गए थे।

तस्करी के बढ़ते मामले:

पिछले कुछ महीनों में, भारत में सोने की तस्करी के मामलों में वृद्धि देखी गई है। मुंबई हवाई अड्डे पर हाल ही में तीन ईरानी नागरिकों को 6.28 करोड़ रुपये मूल्य के 7.143 किलोग्राम सोने के साथ गिरफ्तार किया गया था।

इसके अलावा, डीआरआई ने 12 और 13 मार्च 2024 को “राइजिंग सन” ऑपरेशन के तहत 61 किलोग्राम तस्करी का सोना और अन्य संपत्तियां जब्त की थीं, जिनकी कुल कीमत 40 करोड़ रुपये थी।

आगे की जांच:

डीआरआई और सीबीआई की संयुक्त कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि सोना तस्करी के इस नेटवर्क में कई उच्च पदस्थ व्यक्तियों की संलिप्तता हो सकती है। जांच एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं, ताकि इस अवैध गतिविधि में शामिल सभी व्यक्तियों को कानून के कठघरे में लाया जा सके।

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