नई दिल्ली, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता आतिशी ने वर्तमान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर महिलाओं के खातों में 2500 रुपये प्रति माह जमा करने की योजना पर चर्चा के लिए समय मांगा है। आतिशी ने इस पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादे का हवाला देते हुए कहा कि 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यह राशि महिलाओं के खातों में जमा की जानी है, और अब इसमें केवल एक दिन शेष है।
31 जनवरी 2025 को द्वारका में आयोजित एक रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली की माताओं और बहनों से वादा किया था कि भाजपा सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में ही महिलाओं को 2500 रुपये प्रति माह देने की योजना पारित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा था कि महिलाएं अपने मोबाइल नंबर को बैंक खातों से जोड़ लें ताकि राशि जमा होने पर तुरंत सूचना मिल सके।
आतिशी ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 20 फरवरी को नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई, लेकिन इस बैठक में महिलाओं के लिए 2500 रुपये प्रति माह की योजना को मंजूरी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि दिल्ली की लाखों महिलाएं प्रधानमंत्री की इस गारंटी पर विश्वास कर रही थीं, लेकिन अब वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं।
आतिशी ने मुख्यमंत्री से 23 फरवरी 2025 को आप विधायक दल के साथ बैठक करने का समय मांगा था ताकि इस योजना पर ठोस कार्यवाही की जा सके। उन्होंने आग्रह किया कि मुख्यमंत्री अपने व्यस्त समय में से कुछ समय निकालकर उन्हें मिलने का अवसर दें, ताकि दिल्ली की महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
अब जबकि महिला दिवस में केवल एक दिन शेष है, दिल्ली की महिलाएं बेसब्री से अपने खातों में 2500 रुपये जमा होने की प्रतीक्षा कर रही हैं। आतिशी ने उम्मीद जताई है कि 8 मार्च को दिल्ली की महिलाओं के मोबाइल फोन पर उनके खातों में राशि जमा होने का संदेश प्राप्त होगा, जिससे प्रधानमंत्री द्वारा किया गया वादा पूरा हो सकेगा।
इस बीच, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आश्वासन दिया है कि सरकार इस योजना को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि महिला सम्मान योजना को लागू करने की प्रक्रिया चल रही है और सरकार सुनिश्चित करेगी कि महिलाओं को उनका हक समय पर मिले।
दिल्ली की महिलाओं के लिए यह योजना आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। अब सभी की निगाहें 8 मार्च पर टिकी हैं, जब यह देखा जाएगा कि सरकार अपने वादे को कितना प्रभावी ढंग से पूरा करती है।



