नई दिल्ली: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जाने वाले पहले सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर करोड़ों फैंस की निगाहें टिकी हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का यह हाई-वोल्टेज मैच दुबई में खेला जाएगा, जहां बारिश की संभावना बहुत कम है। लेकिन अगर खराब मौसम मैच में बाधा डालता है, तो रिजर्व डे का सहारा लिया जाएगा। हालांकि, सवाल यह भी है कि अगर मैच रिजर्व डे पर भी पूरा नहीं हो पाता, तो फाइनल में कौन पहुंचेगा?
बारिश के कारण क्या होगा नियम?
अगर किसी कारणवश सेमीफाइनल मुकाबला बारिश के कारण पूरा नहीं हो पाता, तो उस स्थिति में ग्रुप स्टेज में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम फाइनल में पहुंचेगी। भारत ने लीग चरण में शानदार प्रदर्शन किया था और शीर्ष स्थान हासिल किया था। ऐसे में अगर भारत और ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला बारिश के कारण रद्द होता है, तो भारतीय टीम को फाइनल में एंट्री मिल जाएगी।
क्या है नॉकआउट मुकाबलों के नियम?
सेमीफाइनल और फाइनल जैसे नॉकआउट मुकाबलों में डकवर्थ-लुईस नियम तभी लागू होगा जब दूसरी पारी में कम से कम 25 ओवर का खेल हो सके। अगर इससे कम ओवर का खेल होता है और बारिश लगातार बाधा डालती है, तो मुकाबला पूरा नहीं हो सकेगा और फिर ग्रुप स्टेज की टॉप टीम को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
लाहौर में होने वाले दूसरे सेमीफाइनल में बारिश की आशंका
दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच लाहौर में खेला जाने वाला दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला भी बारिश की चपेट में आ सकता है। यदि यह मुकाबला भी बारिश के कारण धुल जाता है, तो दक्षिण अफ्रीका की टीम को फाइनल का टिकट मिल जाएगा, क्योंकि उसने ग्रुप स्टेज में न्यूजीलैंड से बेहतर प्रदर्शन किया था।
अगर फाइनल भी बारिश से धुल गया तो?
अगर फाइनल मुकाबला भी बारिश के कारण रद्द हो जाता है, तो भारत और दक्षिण अफ्रीका को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया जाएगा। चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में ऐसा केवल एक बार हुआ है जब 2002 में भारत और श्रीलंका को फाइनल मैच के बाद संयुक्त विजेता घोषित किया गया था।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला यह सेमीफाइनल मुकाबला रोमांच से भरा होगा, लेकिन अगर मौसम ने साथ नहीं दिया, तो भारत को ग्रुप स्टेज के प्रदर्शन का फायदा मिल सकता है। फैंस अब उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम साफ रहे और एक शानदार मुकाबला देखने को मिले।




