नई दिल्ली: दिल्ली में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्शन मोड में काम शुरू कर दिया है। गुरुवार को हुई कैबिनेट की पहली बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सबसे अहम फैसला पूर्व मुख्यमंत्री और मंत्रियों के व्यक्तिगत स्टाफ की सेवाएं खत्म करने का रहा। इसके अलावा, प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त अधिकारियों को उनके मूल विभागों में वापस भेजने का निर्देश दिया गया है।
पहले सप्ताह ही किया बड़ा प्रशासनिक बदलाव
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने पहले ही विभिन्न विभागों से पूर्व सरकार के कॉन्ट्रैक्ट और व्यक्तिगत स्टाफ की जानकारी मांगी थी। अब इन सभी कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में लौटने का आदेश दिया गया है।
आयुष्मान भारत योजना को मंजूरी
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार ने ‘आयुष्मान भारत’ योजना को लागू करने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत दिल्ली सरकार 5 लाख और केंद्र सरकार 5 लाख की सहायता देगी, जिससे नागरिकों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।
कैग रिपोर्ट जल्द होगी सार्वजनिक
कैबिनेट बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा लंबित रखी गई 14 कैग रिपोर्टों को जल्द ही सदन में पेश किया जाएगा। इन रिपोर्टों में भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनके सार्वजनिक होने से आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल की कार्यशैली पर सवाल उठ सकते हैं।
रेखा गुप्ता ने छह मंत्रियों के साथ शपथ ली
गुरुवार को उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को शपथ दिलाई। उनके साथ प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा, पंकज कुमार सिंह और रविंद्र इंद्राज सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली।
दिल्ली की नई सरकार ने पहले दिन से ही प्रशासनिक सुधारों और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है, जिससे राजधानी में सुशासन की उम्मीद बढ़ गई है।




