वॉशिंगटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच वाशिंगटन में हुई द्विपक्षीय वार्ता में कई अहम समझौते किए गए। दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर सहमति जताई।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग
भारत और अमेरिका ने रक्षा साझेदारी को मजबूत करने के लिए अगले दशक का रक्षा सहयोग ढांचा तैयार किया। अमेरिका भारत को अरबों डॉलर के रक्षा उपकरणों की आपूर्ति करेगा, जिसमें एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स भी शामिल होंगे। इसके अलावा, दोनों देश संयुक्त विकास और उत्पादन में सहयोग बढ़ाने के लिए काम करेंगे।
व्यापार और निवेश
दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। भारत और अमेरिका पारस्परिक लाभकारी व्यापार समझौते पर जल्द सहमति बनाने के लिए काम करेंगे। भारत ने अपने टैरिफ सिस्टम में सुधार करने का वादा किया, जिससे अमेरिकी कंपनियों को भारतीय बाजार में अधिक पहुंच मिलेगी।
ऊर्जा और तकनीकी साझेदारी
भारत और अमेरिका परमाणु ऊर्जा और गैस व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग करेंगे। इसके अलावा, दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और नवीनतम तकनीकों के संयुक्त विकास पर भी सहमति व्यक्त की।
आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त लड़ाई
दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त रूप से काम करने पर जोर दिया। ट्रंप ने 26/11 हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी देने की घोषणा की।
नया वैश्विक व्यापार मार्ग
भारत और अमेरिका ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे के निर्माण पर सहमति व्यक्त की, जिससे वैश्विक व्यापार को नया आयाम मिलेगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कुछ कहा-
- भारत-अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए रोडमैप की घोषणा।
- व्यापार घाटा कम करने पर सहमति।
- अमेरिका से भारत को तेल और गैस की आपूर्ति बढ़ाने की संभावना।
- भारत को सैन्य बिक्री में वृद्धि (कई अरब डॉलर तक)।
- एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान की संभावित उपलब्धता।
- इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोग।
- क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) को मजबूत करने पर जोर।
- कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयास।
- 26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत में प्रत्यर्पण को मंजूरी।
- भारत द्वारा टैरिफ में कटौती का स्वागत।
- अमेरिकी कारों पर 70% टैरिफ का मुद्दा उठाया।
- भारत-अमेरिका व्यापार घाटा लगभग 100 अरब डॉलर, इसे कम करने पर चर्चा।
- भारत परमाणु ऊर्जा के स्वागत के लिए अपने कानूनों में सुधार कर रहा है।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नवीनतम टेक्नोलॉजी पर संयुक्त विकास।
- भारत से इज़रायल, इटली और अमेरिका तक व्यापार मार्ग विकसित करने की योजना।
- भारत और अमेरिका के बीच दोस्ती और सहयोग अपने सबसे अच्छे दौर में।
यह वार्ता भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी।




