नई दिल्ली: स्वर कोकिला लता मंगेशकर को उनकी गायिकी के लिए पूरी दुनिया जानती है, लेकिन उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी कहानियां बहुत कम लोगों तक पहुंची हैं। लता जी अविवाहित रहीं, लेकिन उनकी जिंदगी में एक शख्स ऐसा था जिससे उन्होंने बेपनाह मोहब्बत की। यह शख्स कोई और नहीं, बल्कि राजस्थान के पूर्व क्रिकेटर और राजपरिवार के सदस्य राज सिंह डूंगरपुर थे।
ऐसे हुई थी लता और राज सिंह की मुलाकात
बीकानेर की राजकुमारी राजश्री ने अपनी आत्मकथा ‘पैलेस ऑफ क्लाउड्स-ए मेमोयर’ में लता जी और राज सिंह डूंगरपुर की प्रेम कहानी का जिक्र किया है। उनके मुताबिक, 1959 में मुंबई में लॉ की पढ़ाई करने आए राज सिंह की मुलाकात लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर से हुई। हृदयनाथ क्रिकेट खेलते थे, और इसी खेल के कारण उनकी दोस्ती राज सिंह से हो गई। धीरे-धीरे राज सिंह मंगेशकर परिवार के करीब आए और इसी दौरान लता मंगेशकर से उनकी पहली मुलाकात हुई। यह मुलाकात दोस्ती में बदली और फिर यह दोस्ती प्यार में तब्दील हो गई।
शाही परिवार की वजह से अधूरी रह गई प्रेम कहानी
जब राज सिंह डूंगरपुर ने अपने परिवार से लता मंगेशकर से शादी की इच्छा जाहिर की, तो राजपरिवार ने इस रिश्ते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उनका मानना था कि राज सिंह को किसी शाही परिवार की लड़की से ही शादी करनी चाहिए। पारिवारिक दबाव के कारण राज सिंह डूंगरपुर ने शादी न करने का फैसला किया और जीवनभर अविवाहित रहे।
‘मिट्ठू’ कहकर बुलाते थे लता को
राजश्री की आत्मकथा में यह भी लिखा गया है कि राज सिंह डूंगरपुर लता मंगेशकर को प्यार से ‘मिट्ठू’ कहकर बुलाते थे। कहा जाता है कि 2009 में जब राज सिंह का निधन हुआ, तो लता मंगेशकर गुप्त रूप से उनके अंतिम दर्शन के लिए डूंगरपुर पहुंची थीं।
लता मंगेशकर और राज सिंह डूंगरपुर की प्रेम कहानी भले ही मुकम्मल न हो सकी, लेकिन दोनों का प्रेम और समर्पण आज भी लोगों के लिए एक मिसाल बना हुआ है।




