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‘पुरानी शराब नई बोतल में’… BCCI के नए नियमों पर क्यों भड़के हरभजन सिंह ? क्रिकेट जगत में मची सनसनी

‘पुरानी शराब नई बोतल में’… BCCI के नए नियमों पर क्यों भड़के हरभजन सिंह ? क्रिकेट जगत में मची सनसनी

द फ्रंट डेस्क, भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की हाल ही में जारी 10-सूत्रीय नीति पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि यह नीति उनके खेलने के दिनों से ही लागू थी और सवाल उठाया कि इसमें कब और किसने बदलाव किया। हरभजन का मानना है कि ये दिशा-निर्देश न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम को मिली शर्मनाक हार से ध्यान भटकाने का कदम हो सकते हैं।

पुराने नियमों का दोहराव

बीसीसीआई ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 1-3 से हार के बाद टीम में ‘अनुशासन और एकजुटता’ को बढ़ावा देने के लिए 10-सूत्रीय नीति जारी की थी। इसमें घरेलू क्रिकेट को अनिवार्य बनाने, दौरों पर परिवारों और निजी कर्मचारियों की उपस्थिति पर पाबंदी, और सीरीज के दौरान व्यक्तिगत विज्ञापन करने पर रोक शामिल है। हरभजन ने कहा कि इनमें से अधिकांश नियम उनके खेल के दिनों में भी मौजूद थे।

‘नीतियों में बदलाव की जांच होनी चाहिए’

हरभजन ने ‘पीटीआई’ को दिए साक्षात्कार में कहा, “मैंने यात्रा नीति के बारे में पढ़ा और मुझे अपने खेल के दिनों से कुछ भी अलग नहीं मिला। आखिरी बार जब मैंने केंद्रीय अनुबंधित क्रिकेटर के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, तब भी इसी तरह के नियम थे। मेरा सवाल यह है कि जब यह सारे नियम हमारे समय में भी थे, तो इसे किसने और कब बदला? इसकी जांच होनी चाहिए।”

क्रिकेट पर ध्यान देने की जरूरत

हरभजन ने कहा कि टीम की हार का कारण खराब क्रिकेट खेलना था, न कि बाहरी मुद्दे। उन्होंने कहा, “हम हारें क्योंकि हमने खराब क्रिकेट खेला। हम घरेलू मैदान पर भी अच्छी बल्लेबाजी करने में नाकाम रहे। हमारी टीम में ऐसे खिलाड़ी शामिल थे जो बेहद खराब फॉर्म में थे। इस स्थिति से निपटने के लिए कुछ सुधार किए जा रहे हैं, या फिर मैदान के बाहर की इन्हीं बातों पर चर्चा हो रही है।”

टीम के साथ रहने की जरूरत पर जोर

हरभजन ने अपने खेल के दिनों को याद करते हुए कहा, “सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, या अनिल कुंबले कभी भी टीम से अलग यात्रा नहीं करते थे। वे हमेशा टीम के साथ रहते थे और एक साथ अगले मैच स्थल जाते थे। आपको खिलाड़ियों को यह बताने की जरूरत क्यों है कि आपको टीम बस से यात्रा करनी होगी? यह एक नियम है। अगर कोई नियम तोड़ रहा है, तो उस व्यक्ति की जांच की जानी चाहिए।”

पर्सनल शेफ पर रोक का समर्थन

हरभजन ने किसी विशेष खिलाड़ी या कोच के निजी दल पर रोक लगाने का समर्थन करते हुए कहा कि बीसीसीआई कुछ अच्छे बावर्चियों को टीम के साथ यात्रा करने के लिए रख सकती है। उन्होंने कहा, “बीसीसीआई के पास पैसे की कमी नहीं है। आपको व्यक्तिगत बावर्ची ले जाने की आवश्यकता क्यों है? फुटबॉल विश्व कप में बड़ी टीमें अपने स्वयं के बावर्ची रखती हैं जो खिलाड़ियों की आहार आवश्यकताओं का ख्याल रखते हैं। यह कोई बड़ी बात नहीं है।”

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