एक वर्ग की आबादी बढ़ने से होगा असंतुलन- बोले आदित्य नाथ, मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा- मजहब से जोड़ना ठीक नहीं

एक वर्ग की आबादी बढ़ने से होगा असंतुलन- बोले आदित्य नाथ, मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा- मजहब से जोड़ना ठीक नहीं

लखनऊ, विश्व जनसंख्या दिवस पर सीएम योगी ने फिर से एक बार मुस्लिमों की बढ़ती आबादी को लेकर निशाना साधा। उनका कहना था कि एक वर्ग की जनसंख्या बढ़ने से अराजकता ही फैलेगी। उन्होंने कहा कि ऐसा न हो कि किसी वर्ग की आबादी बढ़ने की स्पीड और उनका प्रतिशत ज्यादा हो और जो मूल निवासी हैं, जागरूकता अभियान चलाकर उनकी जनसंख्या नियंत्रित कर असंतुलन पैदा कर दिया जाए।

हालांकि उनकी बात से बीजेपी के नेता ही सहमत नहीं दिखे। पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि बेतहाशा जनसंख्या विस्फोट किसी मज़हब की नहीं, बल्कि मुल्क की मुसीबत है,इसे जाति, धर्म से जोड़ना जायज नहीं है। नकवी ने सीधे तौर पर योगी की चिंता को खारिज कर दिया। ध्यान रहे कि नकवी का राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद मोदी कैबिनेट से उनकी छुट्टी हो चुकी है। बीजेपी ने उन्हें न तो राज्यसभा चुनाव में कहीं से उतारा और न ही रामपुर उपचुनाव में उनको टिकट दिया।

लखनऊ में एक प्रोग्राम में योगी आदित्यनाथ ने बढ़ती जनसंख्या पर चिंता जताई और कहा कि जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आगे बढ़े, लेकिन इसके साथ ये भी ध्यान रखना होगा कि जनसांख्यिकी असंतुलन की स्थिति भी न पैदा हो पाए। सीएम योगी ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि बीते पांच वर्षों से देशभर में जनसंख्या स्थिरीकरण को लेकर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। एक निश्चित पैमाने पर जनसंख्या समाज की उपलब्धि भी है। लेकिन यह उपलब्धि तभी तक है, जब समाज स्वस्थ व आरोग्यता की स्थिति को प्राप्त कर सके।

 

उत्तर प्रदेश लॉ कमीशन ने तैयार किया था मसौदा

अगस्त 2021 में उत्तर प्रदेश लॉ कमीशन ने जनसंख्या नियंत्रण नीति को लेकर एक ड्राफ्ट मुख्यमंत्री को सौंपा था और अब इंतजार है कि इस जनसंख्या नियंत्रण नीति को प्रदेश में आखिर कब लागू किया जाएगा। यूपी स्टेट लॉ कमीशन के तत्कालीन चेयरमैन जस्टिस एएन मित्तल ने एक मसौदा जनसंख्या नियंत्रण का तैयार किया था। इस मसौदे में कई अहम बातें कही गईं थी, जिसमें ये साफ तौर पर है कि जिनके 2 से ज्यादा बच्चे होंगे उन्हें सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी और जो सरकारी नौकरी में होंगे उन्हें प्रमोशन नहीं मिलेंगा।

260 पन्ने की इस रिपोर्ट में स्टेट लॉ कमीशन ने तमाम चीजों पर आम लोगों से राय भी मांगी थी। कुछ लोगों ने ये सुझाव भी दिया था कि 2 से ज्यादा बच्चे होने पर विधायक और सांसद का चुनाव लड़ने की अनुमति न दी जाए। फिलहाल ये ठंडे बस्ते में पड़ी है।

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