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लखनऊ, 1 सितम्बर 2021

प्रदेश में बढ़ते वायरल फीवर के प्रकोप को देखते हुए सरकार ने अब बड़ा फैसला लिया है. स्वास्‍थ्यकर्मी अब घर-घर जाकर लोगों के लक्षणों की जांच करेंगे और पता करेंगे कि बुखार तो नहीं. प्रदेशव्यापी ये सर्विलांस अभियान 7 से 16 सितंबर तक चलेगा. इसके साथ ही सरकार ने अब कोरोना वैक्सीन को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है. वैक्सीन की डोज न लेने वाले 45 साल से अधिक आयु के लोगों की सूची बनाई जाएगी और उनका वैक्सीनेशन किया जाएगा. सूबे में चलने वाले सर्विलांस अभियान के लिए स्वास्‍थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा.

पिछले एक हफ्ते में ही यूपी के दो जिलों मथुरा और फिरोजोबाद में 50 मासूम बच्चों की मौत हो गयी है. ये सरकारी आंकड़ा है. बच्चों को पहले तेज बुखार हुआ फिर पेट में दर्द और दो से तीन दिनों में ही मौत होने लगी. अब सरकारी अमले ने दोनों जिलों में डेरा डाल दिया है. उम्मीद है हालात जल्द ठीक हो जायेंगे लेकिन, इन दोनों जिलों में हो रही बच्चों की बीमारी क्या कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक है ? ये सवाल हर किसी की जुबान पर तैर रहा है. बहुत से लोगों ने इसे कोरोना की संभावित तीसरी लहर से जोड़ दिया है. बच्चों को हो रहे बुखार को रहस्यमयी बताया जा रहा है. लेकिन, सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है. बच्चों की बिगड़ती तबीयत और हो रही मौतों के पीछे कोई और जिम्मेदार है.
गौरतलब है कि पूरे प्रदेश में वायरल के साथ ही मलेरिया और डेंगू का भी प्रकोप है. डेंगू और मलेरिया के चलते कई बच्चों की भी मौत हो चुकी है. इसके साथ ही सरकार ने अब बीमारियों की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.

फिरोजाबाद में 42 बच्चों की मौत
सरकारी आंकड़े के मुताबिक 1 सितम्बर की सुबह 8 बजे तक मथुरा में 8 जबकि फिरोजोबाद में 42 बच्चों की मौत हो चुकी है. मथुरा में बीमार हुए बच्चों के 184 सैम्पलों की जांच में डेंगू के 91, स्क्रबटाइफस के 29 और लैप्टो स्पोइरोसिस के 48 मामले पुष्ट हुए हैं. फिरोजोबाद में जांच के लिए सैम्पल भेजे गये हैं. नतीजे आने बाकी हैं.

फिरोजोबाद में कैम्प कर रहे वेक्टर बॉर्न डिजीजेज के जॉइंट डायरेक्टर डॉ. अवधेश यादव ने कहा कि एक भी बीमार बच्चा कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला है. सभी की कोरोना जांच की गयी है. सभी डेंगू, मलेरिया और स्क्रबटाइफस के मरीज मिले हैं. कोरोना का बच्चों की बीमारी से दूर -दूर तक लेना नहीं है. इसे किसी भी सूरत में कोरोना की संभावित तीसरी लहर से जोड़कर नहीं देखना चाहिए. ऐसी अफवाह से समस्यायें और गंभीर हो जायेंगी.