Russia Ukraine Crisis: यूक्रेन में रूसी सेना की तरफ से जबरदस्त बमबारी जारी है। जिसके कारण उसके कई शहर तबाह हो चुके हैं। यूक्रेन के आरोप के मुताबिक सुमी शहर पर रूस ने 500 किलो का बम गिराया है। जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई है। यूक्रेन के रक्षा मंत्री ओलेक्सी रेज़निकोव ने रूस के साथ जारी युद्ध में हताहतों की संख्या बताई है। उन्होंने दावा किया कि कम से कम 400 नागरिकों की मौत हुई है और 800 घायल हुए हैं। इस बीच, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि सुमी से सारे भारतीय छात्रों को निकाल लिया गया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को पड़ोसी देशों से निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा के तहत सुशिवा से दो विशेष नागरिक विमानों के जरिए 410 भारतीयों को एयरलिफ्ट किया गया है। 22 फरवरी को विशेष उड़ानों की शुरुआत के बाद से अब तक 18 हजार भारतीयों को देश वापस लाया जा चुका है।
भारत सरकार ने जानकारी दी है कि सुमी में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने का सिलसिला अब शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने मंगलवार को बताया कि सुमी में फंसे हुए छात्रों को वहां से निकालकर दूसरी जगह ले जाया जा रहा है।
वहीं युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि मैं कहीं गया नहीं हूं कीव में ही हूं। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा है कि हम युद्ध जीतने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। दरअसल रूसी मीडिया की तरफ से दावा किया जा रहा था कि जेलेंस्की यूक्रेन छोड़कर भाग गये हैं। ऐसे में अब उन्होंने अपना एक वीडियो जारी कर कहा कि मैं कहीं छुपा नहीं हूं और कीव के बोनकोवा में हूं।
बेलारूस में रूस और यूक्रेन के बीच हुई तीसरे दौर की वार्ता में कोई अहम परिणाम नहीं निकल सका। यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य मायखाइलो पोडोलीक ने कहा कि इस बातचीत में यूक्रेन में मानवीय गलियारों के लॉजिस्टिक्स में सुधार को लेकर थोड़ी बहुत प्रगति हुई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के कार्यालय प्रमुख के सलाहकार पोडोलीक ने कहा कि युद्धविराम और सुरक्षा गारंटी के साथ समझौते के मुख्य राजनीतिक ब्लॉक पर गहन परामर्श जारी है।
उत्तर पूर्वी यूक्रेन में सोमवार को सूमी स्टेट यूनिवर्सिटी में लगभग 600 भारतीय छात्रों को निकालने पर अंतिम समय पर रोक लगा दी गई थी। इसको लेकर भारतीय दूतावास ने कथित तौर पर कॉलेज को जानकारी दी थी कि रोमानिया सीमा पर सुरक्षा कारणों से यात्रा शुरू करना सुरक्षित नहीं होगा।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने यूएनएससी बैठक में कहा, “भारतीयों के लिए निकासी अभियान में स्वदेश लाने के लिए 80 से अधिक निकासी उड़ानें भरी जा चुकी हैं। इस दौरान भारतीयों की सुविधा में यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों के अधिकारियों द्वारा प्रदान की गई सहायता की हम प्रशंसा करते हैं।”
इसके अलावा भारत की तरफ से भी यूक्रेन को मानवीय सहायता भेजी जा रही है। सोमवार को यूएनएससी की बैठक में भारत के प्रतिनिधि टी.एस. तिरुमूर्ति ने बताया कि भारत पहले ही यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों को मानवीय सहायता भेज चुका है। इनमें दवाएं, टेंट, पानी के भंडारण टैंक, अन्य राहत सामग्री शामिल हैं। हम अन्य आवश्यकताओं की पहचान करने और उन्हें भेजने की प्रक्रिया में हैं।
तिरुमूर्ति ने कहा कि हमने भारतीयों सहित सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित मार्ग की अपनी अति-आवश्यक मांग को दोहराया है। हम इस बात से बहुत चिंतित हैं कि दोनों पक्षों से बार-बार आग्रह करने के बावजूद सुमी में हमारे छात्रों के लिए एक सुरक्षित मार्ग नहीं बन पाया।




