चंडीगढ़ मेयर पद पर फिर भाजपा का कब्जा, एक वोट से जीती सरबजीत कौर, ‘आप’ का हंगामा जारी

चंडीगढ़ मेयर पद पर फिर भाजपा का कब्जा, एक वोट से जीती सरबजीत कौर, ‘आप’ का हंगामा जारी

चंडीगढ़, चंडीगढ़ मेयर पद पर एक बार फिर भाजपा का कब्जा हो गया है। भाजपा की सरबजीत कौर को विजेता घोषित किया गया है। आम आदमी पार्टी का एक वोट इनवेलिड होने के चलते उसे रद कर दिया है। ऐसे में भाजपा उम्मीदवार सरबजीत कौर को एक वोट से विजेता घोषित किया गया है।

आम आदमी पार्टी (आप) और भाजपा दोनों उम्मीदवारों को 14-14 वोट पड़े थे, लेकिन आप का एक वोट इनवेलिड होने से उसे रद कर दिया गया। इसके बाद आप पार्षदों ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया है। दरअसल आम आदमी पार्टी का जो वोट खारिज हुआ है वह बैलेट पेपर थोड़ा सा फट गया था, इसीलिए उसे खारिज किया गया है। इसके बाद भाजपा उम्मीदवार सरबजीत कौर को एक वोट से विजेता घोषित किया गया। इसके बाद से दोनों दलों में जमकर हंगामा हो रहा है। मौके पर पुलिस पहुंच गई है। वहीं दोनों दल के पार्षद खूब हंगामा कर रहे हैं और एक दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। हाथापाई तक की नौबत आ गई है। पुलिस बीच बचाव कर रही है। वहीं, आप कार्यकर्ता बड़ी संख्या में नगर निगम के बाहर जमा हो गए हैं और धरने पर बैठ गए हैं।

चंडीगढ़ के इतिहास में पहली बार हुआ मेयर चुनाव के बाद पार्षद आपस में झगड़ पड़े। आम आदमी पार्टी के प्रधान प्रेम गर्ग सदन में पहुंच गए थे, जिन्हें भाजपा के पार्षदों ने धक्का मार कर बाहर निकाला। भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने सदन की गरिमा को तार-तार किया। उन्होंने कमिश्नर की कुर्सी पर अपनी उम्मीदवार अंजू कत्याल को बिठा दिया। इसके बाद वहां गिलास और माइक को भी तोड़ दिया।

इसके बाद आम आदमी पार्टी और भाजपा के पार्षद सामने मंच पर आ गए। जहां एक ओर भाजपा की सरबजीत कौर मेयर की कुर्सी पर बैठी हैं। वहीं, आप पार्षदों ने कमीश्नर की कुर्सी पर आप की उम्मीदवार अंजू कत्याल को बैठा दिया था।

मेयर चुनाव के बाद सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव होगा। 11 बजे से सभी पार्षद मतदान के लिए नगर निगम पहुंच गए थे। चुनाव के लिए कुल 28 वोट पड़े हैं, जिनमें 14 पार्षद आप, 13 पार्षद भाजपा और एक सांसद किरण खेर का वोट शामिल है। सबसे पहले मेयर और उसके बाद सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव होगा। पहले एक साल के लिए मेयर पद महिला के लिए रिजर्व है। आप ने अंजू कत्याल और भाजपा ने सरबजीत कौर को उम्मीदवार बनाया है।

इससे पहले आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने सांसद किरण खेर के मतदान को लेकर आपत्ति जताई थी। आप पार्षदों का कहना है कि सांसद के पास मेयर चुनाव के लिए वोटिंग राइट्स नहीं है। इसके बाद पीठासीन अधिकारी महेश चंद्र सिद्धू ने कहा कि शहर की सांसद किरण खेर की वोटिंग राइट है इसकी लिखित अधिसूचना भी उन्हें उपलब्ध करवा दी जाएगी। इसके बाद सबसे पहले सांसद किरण खेर ने ही मतदान किया।

वहीं, सुबह 11 बजे निगम आफिस में पार्षदों के अलावा अन्य किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं को एंट्री नहीं दी गई। ऐसे में आम आदमी पार्टी के नेता प्रदीप छाबड़ा को भी बाहर ही रोक दिया गया है। इसके विरोध में आप नेता व कार्यकर्ता निगम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि उन्हें मतदान प्रक्रिया देखने के लिए अंदर नहीं जाने दिया है।

इस बार नगर निगम चुनाव में इस बार कुल 35 पार्षद हैं, जिनमें से आम आदमी पार्टी के पास 14, भाजपा के पास 13, सात पार्षद कांग्रेस और एक शिअद का पार्षद भी चुनाव जीता है। वहीं, सांसद किरण खेर भी मेयर चुनाव के लिए मतदान किया। ऐसे में कुल 36 मतदाता मतदान थे। लेकिन इस बार कांग्रेस के सात और शिअद के एक पार्षद ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा ही नहीं लिया। इसके बाद कुल 28 वोट मेयर चुनाव के लिए पड़े। जिनमें से 14 वोट भाजपा उम्मीदवार सरबजीत कौर और 13 वोट आप उम्मीदवार अंजू कत्याल को मिला। वहीं, आम आदमी पार्टी का एक वोट इनवेलिड होने के चलते सरबजीत कौर को विजेता घोषित किया गया। कांग्रेस के सातों पार्षद राजस्थान के जयपुर चले गए थे, इसलिए उन्होंने मतदान में भाग नहीं लिया।

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