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सहारनपुर, 31 अक्टूबर 2021

आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन औवेसी ने भाजपा, सपा, कांग्रेस, बसपा और रालोद पर निशाना साधकर चुनावी आगाज किया। कहा कि सहारनपुर उलेमाओं की सरजमी हैं। देश की आजादी में मुस्लिमों ने भी खून बहाया था। उसके बाद भी सभी पार्टियों ने मुसलमानों को वोट बैंक के अलावा कुछ नहीं समझा। जब तक मुसलमान सियासी ताकत बनकर अपना नेता नहीं बनाते, तब तक न भारत मजबूत होगा और नहीं मुसलमान। औवेसी रविवार को सहारनपुर में जनता रोड पर एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

औवेसी ने करीब एक घंटे के धारा प्रवाह भाषण में जनता से सीधा संवाद साधा। आजादी से लेकर आज तक कांग्रेस, सपा, बसपा और रालोद ने मुसलमानों के केवल वोट के लिए प्रयोग किया। वोट लेने के बाद भी आज तक न तो स्कूल खोले गए और बेटियों के लिए भी कोई तालीम की व्यवस्था नहीं की गई। सबसे अधिक झूठे एनकाउंटर मुसलमानों के किए गए। क्रिकेट मैच में भारत की हार पर खिलाड़ी मोहम्मद समी को निशाना बनाया गया। ओवैसी ने कहा, अगर देश में एनआरसी और सीएए लागू किया तो मुसलमान सड़कों पर उतरेगा। कहा कि जब गोरखपुर में गुप्ता की हत्या होती है तो योगी 50 लाख और अखिलेश 21 लाख देते हैं। पुलिस अफसर निलंबित किए जाते हैं। लेकिन जब उन्नाव में सब्जी बेचने वाले फैसल को पुलिस मार देती है तो कुछ नहीं होता। बीते दिनों अखिलेश यादव सहारनपुर आए थे। वहां मंच पर एक भी मुसलमान नहीं था।

चौधरी चरण सिंह ने जो काम किया, वह करना चाहता हूं

औवेसी ने रालोद के जयंत चौधरी पर निशाने पर लेते हुए कहा कि वह मुझे फिल्मी स्टार बताते हैं। जयंत को बता देना चाहता हूं कि मैं मुसलमानों के लिए वह करना चाहता हूं जो काम चौधरी चरण सिंह ने जाटों के लिए किया।

मुजफ्फरनगर दंगे में 50 हजार मुस्लिम बेघर हुए

ओवैसी ने कहा कि सपा सरकार के समय में मुजफ्फरनगर में दंगा हुआ। उस समय 50 हजार मुसलमान बेघर हुए। उस वक्त अखिलेश यादव सैफई उत्सव मनाने में मशगूल थे।