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रूद्रप्रयाग, 4 अक्टूबर 2021

उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) के निर्देशों के बाद खुली चारधाम यात्रा से यात्रा से जुड़े व्यवसायियों ही नहीं बल्कि तीर्थयात्रियों में भी कुछ दिन पहले जो खुशी की लहर थी, वो अब फिकी पड़ती दिखाई दे रही है. सबसे पहले कर्नाटक से केदारनाथ यात्रा पर आए इन यात्रियों की आपबीती आप सुनिए फिर पूरा माजरा भी आपको समझाते हैं. बाबा केदार के दर्शनों की उम्मीदों के साथ चारधाम यात्रा पर आए कर्नाटक के इस यात्री की भाषा भले ही आपकी समझ में नही आ रही हो, लेकिन रोते बिलखते इस यात्री के आंखों में आंसुओं का सैलाब देख आप इस यात्री की भावनाएं जरूर समझ गये होंगे.

दरअसल बिना ई-पास यात्रा पर आए इस यात्री की तरह ही सैकड़ों यात्रियों के हालात हैं, जो धाम पहुंच बाबा के दर्शनों के लिए बीते कई दिनों से पहाड़ों की सड़कों में भूखे प्यासे भटक रहे हैं. हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार की गाइडलाइन पर चल रही चारधाम यात्रा में केदारनाथ धाम के लिए प्रतिदिन 800 तीर्थयात्रियों की संख्या को निर्धारित किया गया है, जिसके लिए देवस्थानम् बोर्ड के ई-पास की व्यवस्था की गयी है. यात्रा खुलने की खबर सुनिते ही देश के कोने कोने से बिना देर किए सीधे उत्तराखंड पहुंचे तीर्थयात्री इस व्यवस्था को समझ ही नहीं पाए, रही सही कसर हरिद्वार-ऋषिकेश में पूरी हो गयी. जहां से बिना ई-पास व गलत जानकारी देकर यात्रियों को हजारों की संख्या में पहाड़ भेज दिया गया, और अब तस्वीर सबके सामने है, वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि इसके लिए प्रशासन व सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.

हार्ट अटैक से मौत की घटनाएं आम बात
दरअसल, चारों धामों में केदारनाथ की विषम भौगोलिक परिस्थितियां बिलकुल अलग हैं. यहां 16 किमी पैदल चलकर बाबा के धाम पहुंचना पड़ता है. बीते सालों के आकड़े देखें जाए तो केदारनाथ पैदल मार्ग में पहाडी से गिरे पत्थरों से हादसे व हाई एटीट्यूट में हार्ट अटैक से मौत की घटनाएं होना आम बात है, ऐसे में हाईकोर्ट के निर्देश पर जारी ई-पास के बिना ही अगर कोई यात्री धाम पहुंच जाए और उसके साथ कोई अनहोनी हो जाए तो इसका जवाब देना प्रशासन के लिए मुश्किल हो जाएगा. ऐसे में प्रशासन भी फूंक- फूंक कर कदम रख रहा है और बिना ई-पास किसी भी सूरत में यात्रियों को धाम नहीं जाने दिया जा रहा है.

हाईकोर्ट में दाखिल किया प्रार्थनापत्र

चारधाम पर आए तीर्थयात्रियों की इस समस्या का अब सरकार को भी एक ही समाधान नजर आ रहा है. सरकार यात्रियों की संख्या बढ़ाने फिर हाईकोर्ट पहुंची है. जिसपर आज सुनवाई है, ऐसे में अब उम्मीद की जा सकती है कि चारधाम यात्रा पर कुछ राहत वाली खबर जल्द आएगी.