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लखनऊ, 13 सितम्बर 2021

यूपी सरकार अनुसूचित जाति के गरीब व जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की योजना में कुछ खास रियायतें देने की तैयारी में है। इस बारे में समाज कल्याण विभाग की ओर से नई नियमावली तैयार की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस नई नियमावली में छात्रवृत्ति और फीस भरपाई के लिए मौजूदा प्राप्तांक के कटआफ को कम किया जाएगा। इसके अलावा अनुसूचित जाति के ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का लाभ पा सकें, इसके लिए पात्रता की शर्तों में कुछ और रियायतें दिए जाने का प्रस्ताव है। जानकारी के अनुसार यह नई नियमावली जल्द ही मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद जारी कर दी जाएगी। नई नियमावली इसी शैक्षिक सत्र से लागू मानी जाएगी।

कक्षा नौ व दस की छात्रवृत्ति का वितरण दो अक्तूबर से

समाज कल्याण विभाग प्री मैट्रिक यानि कक्षा नौ व दस के छात्र-छात्राओं को छात्र्रवृत्ति का वितरण आगामी दो अक्तूबर से शुरू किए जाने की तैयारी की जा रही है। उस दिन गांधी जयंती के अवसर समाज कल्याण निदेशालय में एक कार्यक्रम आयोजित करके समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री प्रतीक स्वरूप अपने हाथों से कुछ छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के चेक प्रदान करेंगे। बाकी छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति उनके बैंक खातों में हस्तांतरित होना शुरू हो जाएगी। कक्षा नौ व दस की कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को 2250 रुपये छात्रवृत्ति और 750 रुपये तदर्थ अनुदान दिया जाता है।

नवम्बर में 51 हजार जोड़ों के सामूहिक विवाह की तैयारी

समाज कल्याण विभाग द्वारा आगामी नवम्बर के महीने में 51 हजार गरीब परिवारों की बेटियों के सामूहिक विवाह की भी तैयारी की गयी है। राज्य सरकार की ओर से सामूहिक विवाह योजना के लिए 250 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक इस योजना के तहत सात हजार जोड़ों के सामूहिक विवाह हो चुके हैं। इस सामूहिक विवाह में कुल 51 हजार रुपये सरकार की ओर से एक शादी पर खर्च किये जाते हैं। इनमें से 35 हजार रुपये कन्या के खाते में, 10 हजार रुपये वर वधु के लिए बर्तन व गृहस्थी का अन्य सामान और छह हजार रुपये विवाह के आयोजन पर खर्च होते हैं।