Online bahis kullanıcılarının %54’ü haftada en az bir kez canlı bahis oynamaktadır; bu oran bahsegel giriş platformunda %63’tür.

Engellemelerden etkilenmemek için bettilt sık sık kontrol ediliyor.

Bahsegel güncel giriş bahsegel bettilt

OECD raporları, kullanıcıların %52’sinin “kayıp limiti” belirleyen platformları tercih ettiğini göstermektedir; paribahis bu özelliği destekler.

bahsegel giriş bettilt bahsegel bahsegel giriş bahsegel bahsegel giriş bahsegel bettiltguncel.com bettilturk-turk.click bettilt bettilt bahsegel bahsegel bettilt bahsegel giriş

5 वर्षीय जैन शिराज ने 195 देशों के नाम 2 मिनट 14 सेकंड में लिए, “इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स” में दर्ज किया कीर्तिमान

5 वर्षीय जैन शिराज ने 195 देशों के नाम 2 मिनट 14 सेकंड में लिए, “इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स” में दर्ज किया कीर्तिमान

मुरादाबाद, जिले के जिगर कॉलोनी में रहने वाले 5 वर्षीय जैन शिराज ने एक अनोखा कीर्तिमान स्थापित कर शहर का नाम रोशन किया है। जैन ने मात्र 2 मिनट 14 सेकंड में 195 देशों के नाम याद कर एक नया रिकॉर्ड बनाया, जिसे “इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स” में दर्ज किया गया है।

जैन के माता-पिता का कहना है कि उनका बेटा बचपन से ही अपनी उम्र के बच्चों से अलग है। उनकी मां ने बताया कि जैन ने बहुत छोटी उम्र में ही विश्व के सभी देशों के नाम याद कर लिए, जो अपने आप में एक अद्भुत उपलब्धि है। हालांकि, यह रिकॉर्ड फिलहाल केवल “इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स” में दर्ज हुआ है।

जैन के पिता, डॉ. सिराज, ने बताया कि उनके बेटे को ग्लोब और वर्ल्ड मैप में विशेष रुचि है। घर में लगे वर्ल्ड मैप को देखकर जैन ने तमाम देशों के नाम याद किए। डॉ. सिराज ने कहा, “जैन ने 2 मिनट 14 सेकंड में 195 देशों के नाम बताकर इतिहास रच दिया है। वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाले सबसे छोटे और सबसे तेज बच्चे हैं।”

जैन की मां, डॉ. जूही, ने बताया कि जैन को दो साल की उम्र से ही किताबें पढ़ने का शौक था। वह बर्ड्स और एनिमल्स के नाम भी जल्दी सीख गए थे। धीरे-धीरे उनकी रुचि वर्ल्ड मैप और पज़ल्स की ओर बढ़ती गई, और उन्होंने सभी देशों के नाम याद कर लिए। जैन के माता-पिता ने उनकी इस उपलब्धि का श्रेय उनकी लगन और मेहनत को दिया।

इस रिकॉर्ड के दौरान जैन ने अल्फाबेटिकल ऑर्डर में आंखें बंद करके सभी देशों के नाम बताए। उनके माता-पिता ने इस सफलता को पूरे परिवार के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि यह जैन की मेहनत और रुचि का परिणाम है।

जैन की इस उपलब्धि ने मुरादाबाद और पूरे देश में उनके परिवार को गर्व का एहसास कराया है। इस रिकॉर्ड ने न केवल जैन को एक नई पहचान दी है, बल्कि यह भी साबित किया है कि सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से बच्चे असंभव को भी संभव बना सकते हैं।

Share post:

Popular

More like this
Related

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश बनेगा ‘ग्लोबल मैनपावर हब’

सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास...

प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर सवाल: एक बेटे की मौत, दूसरा कहां है?

Premanand Maharaj Ashram Controversy: वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के...

ममता बनर्जी ने भी किया CJP का समर्थन, अभिजीत दिपके के साथ कौन-कौन से दल?

CJP Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे...