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लद्दाख बॉर्डर पर विवादास्पद पॉइंट से पीछे हटीं भारत-चीन की सेनाएं, 5 दिन चली प्रोसेस के बाद बंकर गिराए गए

लद्दाख बॉर्डर पर विवादास्पद पॉइंट से पीछे हटीं भारत-चीन की सेनाएं, 5 दिन चली प्रोसेस के बाद बंकर गिराए गए

नई दिल्ली. लद्दाख बॉर्डर पर लंबे समय से चले आ रहे भारत-चीन सीमा विवाद(India-China border dispute) को लेकर राहत की खबर है। गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स एरिया से भारत और चीन की सेनाएं पीछे हट गई हैं। दोनों देशों की सेनाओं ने 8 सितंबर को  गतिरोध वाले पॉइंट(PP-15) से पीछे हटने का ऐलान किया था। बता दें कि भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे( Indian Army chief General Manoj Pande) लद्दाख सेक्टर के दो दिवसीय दौरे पर थे। सेना प्रमुख शनिवार से लद्दाख सेक्टर पहुंचे थे। वहां उन्होंने पेट्रोलिंग प्वाइंट 15 के पास गोगरा हाइट्स हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चल रहे डिसइंगेजमेंट(disengagement) यानी चीन-भारत दोनों सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया के दौरान फारवर्ड एरिया का दौरा किया था। (FILE PHOTO)

लद्दाख में 3,488 किमी लंबी LAC 
भारत की चीन के साथ तीन हिस्सों में 3,488 किमी लंबी सीमा लगती है। एक हिस्सा ईस्टर्न सेक्टर का है, जो सिक्किम और अरुणाचल में है। दूसरा हिस्सा मिडिल सेक्टर है। यह हिमाचल और उत्तराखंड में आता है। जबकि तीसरा हिस्सा वेस्टर्न सेक्टर का है, जो लद्दाख में आता है। अगर इन तीनों हिस्सों को अलग-अलग करके देखें, तो सिक्किम और अरुणाचल की सीमा की लंबाई 1,346 किमी है। हिमाचल और उत्तराखंड सीमा 545 किमी लंबी है। लद्दाख में चीन के साथ सटा बॉर्डर 1,597 किमी लंबा है। जून, 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत-चीन की सेनाओं में हिंसक झड़प के बाद मामला बिगड़ गया था। दोनों देशों ने LAC पर 50-60 हजार तक सैनिक तैनात कर दिए थे। फरवरी, 2021 में डिसएंगेजमेंट (Disengagement Process) पर एक समझौते के अनुरूप पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे से सैनिकों और हथियारों की वापसी पूरी की थी। तब से लगातार तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं।

चीन की तरफ से विवाद पैदा किया जाता रहा है
चीन ने पूर्वी लद्दाख में (LAC) के पास करीब 8 लोकेशन पर अस्थायी टेंट बना लिए थे। ये टैंट काराकोरम पास के करीब वहाब जिल्गा से लेकर पीयु, हॉट स्प्रिंग्स, चांग ला, ताशिगॉन्ग, मान्जा और चुरुप तक बनाए गए थे। विवादित इलाकों में डिसएंगेजमेंट(पीछे हटना) की प्रक्रिया के बावजूद चीन बीच-बीच में विवाद पैदा करता रहा है।

फिलहाल, दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटीं
भारत और चीन की सेनाओं के बीच करीब 2 साल से चले रहे गतिरोध को लेकर अब एक बड़ी राहत की खबर है। सोमवार को पूर्वी लद्दाख में गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स एरिया में गतिरोध वाले पॉइंट(PP-15) से दोनों देशों की सेनाएं पीछे हट गई हैं। डिसएंगेजमेंट की प्रक्रिया पांच दिन चली। यहां से बंकर जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर ध्वस्त कर दिए गए हैं। पूरी प्रोसेस का वैरिफिकेशन हो रहा है। इलाके की जमीन समतल की जा रही है। अब डेमचोक (Demchok) और देपसांग (Depsang) इलाके में गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में प्रयास होंगे।

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