नई दिल्ली. आजादी के बाद सबसे बुरे आर्थिक हालात से गुजर रहे श्रीलंका में स्थिति खराब हो गई है। देश में जारी संकट से जूझ रहे प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति आवास पर कब्जा कर लिया है। वहीं राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे मौके से फरार हो गए हैं। हिंसक भीड़ और पुलिस के बीच झड़प भी हुआ है, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। श्रीलंका के मौजूदा हालात को लेकर 10 लेटस्ट अपडेट जानें…
1. शनिवार को राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे अपने आवास को छोड़कर भाग गए। रक्षा सूत्रों ने भी दावा किया है कि प्रेसीडेंट भाग चुके हैं। वहीं प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा जमा लिया है। कब्जा करने के बाद स्वीमिंग पूल में नहाते प्रदर्शनकारियों का वीडियो वायरल हुआ है।
2. गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने श्रीलंकाई सांसद रजिता सेनारत्ने के आवास पर भी हमला किया है। इससे पहले 11 मई को तत्कालीन प्रधानमंत्री महिंद्रा राजपक्षे भी पूरे परिवार के साथ भाग गए थे। तब उग्र भीड़ ने कोलंबो के उनके सरकारी आवास को आग के हवाले कर दिया था।
3. इन हालातों के बीच श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने स्थिति पर चर्चा के लिए पार्टी नेताओं की आपात बैठक बुलाई है। वहीं श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना ने 16 सांसदों ने राष्ट्रपति से तत्काल इस्तीफा देने का अनुरोध किया है। वहीं हालात को देखते हुए पुलिस ने अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है।
4. श्रीलंका में शनिवार को हालात इतने बेकाबू हो गए कि पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों के घायल होने की सूचना है। घायलों को कोलंबो के हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। कर्फ्यू लगाने के साथ ही सेना को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
5. आर्थिक मोर्चे पर दिक्कतों का सामना कर रहे श्रीलंका के सामने भोजन का संकट भी बढ़ गया है। देश की 60 लाख से अधिक की आबादी वाले देश में खाने की भीषण समस्या पैदा हो गई है। 10 में 3 परिवारों को यह नहीं पता है कि अगले टाइम का भोजन मिल पाएगा या नहीं। खाने पीने के सामान की कीमतें आलटाइम हाई हैं।
6. पहली बार अप्रैल 2021 में श्रीलंका में आजादी के बाद सबसे बड़ी आर्थिक गिरावट दर्ज की गई। तब यहां की अर्थव्यवस्था 3.6 प्रतिशत तक गिर गई। अगस्त 2021 में राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने फूड इमरजेंसी घोषित कर दी। इसके बाद हालात दिन ब दिन बिगड़ते गए।
7. मार्च 2022 में बड़े पैमाने पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक विरोध के स्वर गूंजने लगे। मार्च में भी राष्ट्रपति भवन को जलाने की कोशिश की गई। इस दौरान कई लोग घायल भी हुए थे।
8. 1 अप्रैल 2022 को राष्ट्रपति ने इमरजेंसी लागू कर दिया क्योंकि सरकार के खिलाफ प्रदर्शन बढ़ गया था। राष्ट्रपति के भाई महिंदा राजपक्षे प्रधानमंत्री बने रहे जबकि परिवार के 3 अन्य सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया। अप्रैल में ही सेंट्रल बैंक आफ श्रीलंका के गवर्नर ने इस्तीफा दे दिया।
9. सरकार के खिलाफ 40 सांसदों ने गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया। वहीं राष्ट्रपति ने 17 नये मेंबर्स को कैबिनेट में शामिल कर लिया। उन्होंने वादा किया कि देश के आर्थिक हालात को बदलने की पूरी कोशिश करेंगे। वहीं जनता के बीच गुस्सा बढ़ता ही जा रहा था और लोग सड़कों पर प्रदर्शन करना जारी रख रहे।
10. 6 मई को 6 सप्ताह के भीतर ही दूसरी बार इमरजेंसी घोषित की गई। उसी वक्त राष्ट्रपति ने इस्तीफा देने की बात कही और सभी पार्टियों को मिलाकर सरकार बनाने का न्योता दिया। विपक्ष ने यह मांग अस्वीकार कर दी। 9 मई को प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने इस्तीफा दे दिया।




