रांची. झारखंड में सियासी हलचल पर सस्पेंस जारी है। यह खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गठबंधन के सभी विधायकों को राज्य से बाहर रायपुर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। शाम चार बजे के बाद विधायकों की शिफ्टिंग शुरू हो जाएगी। इसके लिए बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर इंडिगो की विशेष फ्लाइट बुक की गई है। इस दौरान सभी विधायकों और मंत्रियों का सीएम हाउस आना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री आवास से बसों में सभी विधायकों और मंत्रियों को रांची एयरपोर्ट ले जाया जाएगा। उसके बाद फ्लाइट से रायपुर पहुंचेंगे। रायकेपुर के मेफेयर रिसोर्ट में उनके रूकने की व्यवस्था की गई है।
अभी तक राजभवन ने चुनाव आयोग को नहीं भेजा पत्र
मुख्यमंत्री हेमत सोरेन के खनन लिज मामले में चुनाव आयोग ने अपनी जांच पूरी करने के बाद अपना निर्णय सुना दिया है। अब रज्यपाल रमेश बैस को अपना आदेश देना बाकी है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई संभव है। इस संबंध में राजभवन के गैजेट जारी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। राज्पाल द्वारा जारी गेजेट निर्वाचन आयोग विधानसभा स्पीकर को देगा, तब जाकर मामले की कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी। कुल मिलाकर कहा जाए तो अभी भी सारा मामला राजभवन के पाले में अटका हुआ है। यही कारण है कि सभी की निगाहें राजभवन की ओर टीकी हुई है।
एक सितंबर को होना है कैबिनेट मिटिंग
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1 सितंबर को कैबिनेट की बैठक बुलाई है। इसमें जनता के हित से जुड़े कई अहम फैसले लेने संबंधी बातें कही जा रही है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से आज बीजेपी के विधायक दल के नेता बाबू लाल मरांडी की विधायकी से संबंधी फैसले भी आने वाला है। ऐसे में सोमवार को शांत पड़ी झारखंड की सियासत में एक बार फिर से हलचल मचने की संभावना है। इस बीच सोमवार को हेमंत सोरेन के भाई बसंत सोरेन की विधायकी पर भी चुनाव आयोग में चर्चा हुई लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका।
जनिए पूरा मामला
10 फरवरी को पूर्व मुख्मंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में बीजेपी ने राज्यपाल को मुख्यमंत्री की सदस्यता रद्द करने के लिए मांग पत्र सौंपा था। अरोप लगाया था कि सीएम हेमंत सोरेन ने सीएम के पद पर रहते हुए रांची के अनगड़ा में 88 डिसमिल पत्थर माइनिंग लीज लिया है। यह लोक जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (RP) 1951 की धारा 9A का उल्लंघन है। गवर्नर ने बीजेपी की यह शिकायत चुनाव आयोग को भेजी। चुनाव आयोग ने शिकायत की पूरी जांच के बाद अपना आदेश राज्यपाल को भेज दिया है।




