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‘कोरिया’ का जुनून बना मौत की वजह? गाजियाबाद में तीन बहनों की आत्महत्या—अब तक क्या-क्या पता चला, पूरी कहानी

‘कोरिया’ का जुनून बना मौत की वजह? गाजियाबाद में तीन बहनों की आत्महत्या—अब तक क्या-क्या पता चला, पूरी कहानी

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग सगी बहनों की आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। नौवीं मंज़िल से कूदकर जान देने वाली इन तीनों बहनों के मामले में अब तक जो बातें सामने आई हैं, वे सिर्फ एक पारिवारिक त्रासदी नहीं बल्कि बच्चों पर डिजिटल और सांस्कृतिक प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। इस Explainer में समझते हैं कि अब तक जांच में क्या-क्या सामने आया है।

क्या है पूरा मामला?

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में मंगलवार (3 फरवरी) की देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में रहने वाली 12, 14 और 16 साल की तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ नौवीं मंज़िल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शुरुआती तौर पर यह समझ पाना मुश्किल था कि तीनों बहनों ने एक साथ इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।

पिता के बयान से बदली जांच की दिशा

मीडिया से बातचीत में पिता ने जो खुलासे किए, उन्होंने इस केस की दिशा पूरी तरह बदल दी। पिता का दावा है कि उनकी बेटियां पिछले कई वर्षों से “कोरिया” से जुड़ी चीज़ों की दीवानी हो चुकी थीं। उनके मुताबिक, बच्चों के दिमाग में हर समय सिर्फ कोरिया ही चलता रहता था।

पिता ने बताया कि बेटियां लगातार कोरियन ड्रामा, डांस वीडियो और गेम्स देखती थीं और धीरे-धीरे खुद को उसी संस्कृति से जोड़ने लगी थीं। उन्होंने अपने नाम तक बदल लिए थे और अपनी पहचान को कोरियन अंदाज़ में ढालने की कोशिश कर रही थीं।

‘कोरिया जाना है’ की ज़िद

पिता का कहना है कि तीनों बेटियां बार-बार कहती थीं कि उन्हें कोरिया जाना है। वे भारत या भारतीय पहचान से दूरी बनाने लगी थीं। “इंडियन” शब्द तक उन्हें पसंद नहीं था और वे भारतीय खाने से भी कतराने लगी थीं।

पिता के मुताबिक, बेटियां यह तक कहने लगी थीं कि अगर उन्हें कोरिया नहीं भेजा गया तो वे मर जाएंगी। यह बात परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता बन चुकी थी।

घटना वाली रात क्या हुआ?

पिता के अनुसार, घटना वाली रात उन्होंने शाम को बेटियों से मोबाइल फोन ले लिया था। बाद में रात में कुछ देर के लिए फोन दोबारा दिया गया। देर रात मां ने फोन वापस ले लिया। इसके बाद तीनों बहनें मंदिर वाले कमरे में गईं और अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया।

इसके बाद घरवालों को कुछ समझ में नहीं आया। कुछ समय बाद जब उन्हें तलाशा गया, तो तीनों बहनें नीचे मृत अवस्था में मिलीं।

क्या पढ़ाई या कर्ज वजह था?

इस मामले में पिता पर कर्ज का एंगल भी सामने आया, लेकिन पिता ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर कर्ज आत्महत्या की वजह होता, तो वह खुद ऐसा कदम उठाते, न कि उनकी बेटियां।

पढ़ाई को लेकर भी पिता का कहना है कि बेटियां पढ़ाई से इनकार नहीं कर रही थीं, लेकिन उनकी एक ही शर्त थी—कोरिया जाना।

सुसाइड नोट से क्या-क्या खुलासा हुआ?

पुलिस जांच में सामने आया है कि आत्महत्या से पहले तीनों बहनों ने एक सुसाइड नोट लिखा था, जिससे उनके इस खौफनाक कदम के पीछे की वजह साफ़ होती जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नोट में लिखा है—

“We are love Korean… love love love… sorry.”

इससे संकेत मिलता है कि तीनों बहनें दक्षिण कोरिया के मशहूर सिंगर्स, एक्टर्स और K-Pop कल्चर से बेहद प्रभावित थीं।

‘तुम नहीं जानते हम कोरियन से कितना प्यार करते थे’

सुसाइड नोट में यह भी लिखा गया है कि घरवालों द्वारा कोरियन ड्रामा और कंटेंट छोड़ने की बात उन्हें मंजूर नहीं थी। नोट में लिखा है—

“लो छुड़वाओगे हमसे कोरियन, कोरियन हमारी जान थी। तुम नहीं जानते थे कि हम उन्हें कितना चाहते थे, लो अब देख लिया सबूत।”

‘घरवालों से ज़्यादा कोरियन से लगाव’

नोट में बच्चियों ने यह तक लिखा कि कोरियन एक्टर्स और K-Pop ग्रुप्स से उनका लगाव घरवालों से भी ज़्यादा था। उन्होंने लिखा—

“अब तो यकीन हो गया कि कोरियन और K-Pop हमारी जान हैं। जितना हम उन्हें चाहते थे, उतना घरवालों को भी नहीं चाहते थे।”

‘मार से बेहतर मौत’

सुसाइड नोट में घरवालों की मार का भी जिक्र किया गया है। बच्चियों ने लिखा—

“हम क्या तुम्हारी मार खाने के लिए इस दुनिया में जिएं? नहीं, मार से बेहतर तो हमें मौत ही अच्छी लगी।”

शादी को लेकर डर, कोरियन एक्टर से लगाव

नोट में यह भी सामने आया है कि लड़कियां शादी के विचार से तनाव में थीं। उन्होंने लिखा—

“शादी के नाम से ही दिल में टेंशन होती थी। हम कोरियन को पसंद करते थे, उन्हीं से प्यार करते थे और इंडिया के आदमी से शादी—कभी नहीं।”

नोट के अंत में लिखा गया—

“इसलिए हमने खुदकुशी कर ली… सॉरी पापा।”

जांच अब कहां तक पहुंची?

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

  • सुसाइड नोट की प्रामाणिकता की जांच
  • मोबाइल फोन और डिजिटल गतिविधियों की फॉरेंसिक जांच
  • बच्चों की मानसिक स्थिति का आकलन
  • पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों की पड़ताल

अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी माना जा रहा है।

गाजियाबाद की यह घटना सिर्फ एक ट्रिपल सुसाइड नहीं है, बल्कि यह बच्चों पर डिजिटल कंटेंट, पहचान के संकट और मानसिक स्वास्थ्य के असर को लेकर गंभीर चेतावनी देती है। जांच जारी है, लेकिन अब तक सामने आए तथ्य इस मामले को एक बड़े सामाजिक सवाल के रूप में खड़ा कर रहे हैं।

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